Sawan Pradosh Vrat 2025: 11 जुलाई 2025 से सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है। यह 9 अगस्त 2025 तक रहने वाला है। इसलिए इस अवधि में आने वाले सभी तीज-त्योहारों पर महादेव की विशेष कृपा बनी रहेगी। इसके अलावा चातुर्मास होने के कारण सृष्टि का संचालन भी स्वयं शिव जी करेंगे। ऐसे में प्रभु की उपासना करने पर साधक को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि इस दौरान आने वाला प्रदोष किसी शुभ संयोग से कम नहीं है। दरअसल, प्रदोष व्रत हर माह के शुक्ल-कृष्ण पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। यह तिथि महादेव को समर्पित है। इस दिन प्रदोष काल में शंकर जी की पूजा और उन्हें केवल चल चढ़ाने से सभी तरह की समस्याएं समाप्त होती हैं। साथ ही ग्रह दोष से भी छुटकारा मिलता है। परंतु सावन में यह व्रत कब रखा जाएगा ? यह सवाल मन में बना हुआ है। ऐसे में आइए इसकी तिथि, महत्व और पूजा विधि को जानते हैं।