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Mangla Gauri Vrat: सावन का पांचवां मंगला गौरी व्रत आज, जानें पूजा विधि और महत्व

Tue, 01 Aug 2023 07:33 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अगस्त के पहले दिन रखा जाएगा सावन का पांचवां मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा विधि और महत्व - फोटो : अमर उजाला
Mangla Gauri 2023: जिस तरह सावन के सभी सोमवार शिव जी की पूजा-आराधना के लिए समर्पित हैं, ठीक उसी प्रकार इस माह के प्रत्येक मंगलवार मां भी पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। सावन के प्रत्येक मंगलवार को मां मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है। मंगला गौरी व्रत वाले दिन मां गौरी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। यह व्रत महिलाएं अखंड सौभाग्यवती की कामना के लिए करती हैं। वहीं कुंवारी लड़कियां इस दिन सुयोग्य वर की कामना के लिए व्रत रखती हैं। मंगला गौरी व्रत करने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है और अखंड सौभाग्य का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस साल सावन में अधिक मास की वजह से कुल नौ मंगला गौरी व्रत पड़ रहे हैं, जिसमें से पांच व्रत बीत चुके हैं। कल यानी 1 अगस्त को पांचवा मंगला गौरी व्रत है। ऐसे में आइए जानते हैं मंगला गौरी व्रत का महत्व और पूजा विधि के बारे में...  

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अगस्त के पहले दिन रखा जाएगा सावन का पांचवां मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
मंगला गौरी व्रत पूजा विधि
मंगला गौरी वाले दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर एक साफ लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं और उसपर मां गौरी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। मां मंगला गौरी के समक्ष व्रत का संकल्प करें और आटे से बना हुआ दीपक प्रज्वलित करें।
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अगस्त के पहले दिन रखा जाएगा सावन का पांचवां मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा विधि और महत्व - फोटो : pinterest
इसके बाद धूप, नैवेद्य, फल-फूल आदि से मां मंगला गौरी की पूजा करें। इसके पूजा पूर्ण होने पर मां गौरी की आरती करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

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अगस्त के पहले दिन रखा जाएगा सावन का पांचवां मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा विधि और महत्व - फोटो : istock
मंगला गौरी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगला गौरी व्रत के दिन विधि पूर्वक मां गौरी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और दांपत्य जीवन में अथाह प्रेम बना रहता है।
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अगस्त के पहले दिन रखा जाएगा सावन का पांचवां मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
संतान प्राप्ति की कामना रखने वाली स्त्रियों के लिए भी ये व्रत बहुत शुभ फलदायी रहता है। यदि किसी जातक के दांपत्य जीवन में समस्याएं बनी हुई हैं, तो उन्हें मंगला गौरी व्रत जरूर करना चाहिए। इससे दांपत्य जीवन का कलह-कष्ट व अन्य सभी समस्याएं दूर होती है। 
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