सकट चौथ 2025
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संकष्टी चतुर्थी का महत्व
संकष्टी चतुर्थी का व्रत विघ्नहर्ता गणपति को समर्पित है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और अपने बच्चों की लंबी उम्र और सफल भविष्य के लिए प्रार्थना करती हैं। संकष्टी चतुर्थी के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। रात को चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही यह व्रत खोला जाता है। इसलिए संकष्ट चतुर्दशी के दिन चंद्रमा के दर्शन और पूजन का विशेष महत्व हो गया। इस दिन गणपति की पूजा में तिल के करछुल या मिठाई रखें और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलें।
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