Rangbhari Ekadashi Date 2024: फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर रंगभरी एकादशी का पर्व मनाया जाता है। इसे आमलकी एकादशी, आंवला एकादशी और आमलका एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। एकादशी होने की वजह से ये भगवान विष्णु को तो समर्पित है ही साथ ही इस दिन शिव जी और माता पार्वती की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव मां पार्वती को पहली बार काशी में लेकर आए थे, इसलिए यह एकादशी काशी के लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। रंगभरी एकादशी के पावन पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती को रंग और गुलाल अर्पित किए जाते हैं। साथ ही विधि विधान से पूजा की जाती है। पूजा के बाद बाबा विश्वनाथ मां गौरी के साथ नगर भ्रमण करते हैं। वहीं भक्त भी इस दौरान शिव-गौरी का स्वागत रंग और गुलाल से करते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं रंगभरी एकादशी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व...