Pradosh Vrat 2023: हिन्दू धर्म में त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाहा वर पाने हेतु व्रत उपवास रखा जाता है। यह व्रत हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। नवंबर माह में आने वाला प्रदोष इस महीने का अंतिम प्रदोष है । नवंबर माह के अंतिम प्रदोष को कई शुभ योग बन रहे हैं। प्रदोष के दिन शुक्रवार होने के कारण यह शुक्र प्रदोष व्रत कहलाता है। शुक्र प्रदोष को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा विधि विधान से करने पर वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। आइए जानते हैं शुक्र प्रोद्श व्रत का शुभ पूजन मुहूर्त महत्व और योग के बारे में।