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Pitru Paksha 2026: इस साल कब से शुरू हो रहे हैं पितृ पक्ष? जानें श्राद्ध की सही तिथियां और विधि

Thu, 04 Jun 2026 12:20 PM IST
Jyoti Mehra धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Pitru Paksha 2026: हर वर्ष आश्विन मास की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से श्राद्ध पक्ष की शुरुआत होती है, जो 15 दिनों तक चलकर अमावस्या पर समाप्त होते हैं। इस अवधि में पितरों का श्राद्ध और पिंडदान जैसे कर्म करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं इस साल पितृ पक्ष कब से शुरू हो रहे हैं। 

 
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कब से शुरू हो रहे हैं पितृ पक्ष? - फोटो : AI
Pitru Paksha 2026 Start Date And Time: हिंदू परंपरा में पितृ पक्ष का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आश्विन मास की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से श्राद्ध पक्ष की शुरुआत होती है, जो 15 दिनों तक चलकर अमावस्या पर समाप्त होते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में पितरों की आत्माएं पृथ्वी लोक पर आती हैं। ऐसे में उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे कर्म किए जाते हैं। इन विधियों से पितर संतुष्ट होते हैं और परिवार को सुख, समृद्धि व शांति का आशीर्वाद देते हैं।
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पितृ पक्ष 2026 कब से शुरू होगा - फोटो : adobe stock
पितृ पक्ष 2026 कब से शुरू होगा
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, भाद्रपद माह की पूर्णिमा के बाद आश्विन मास का आरंभ होता है। साल 2026 में आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर की रात 10 बजकर 18 मिनट से प्रारंभ होगी। वहीं, इस पक्ष का समापन 10 अक्तूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।
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पितृ पक्ष का महत्व - फोटो : adobe stock
पितृ पक्ष का महत्व
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि पितृ पक्ष के दौरान किए गए श्राद्ध और तर्पण से पितर प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। मान्यता है कि इससे आयु, धन, विद्या, संतान सुख और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है। साथ ही, व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन भी मिलता है।
 

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पितृ पक्ष 2026 श्राद्ध की प्रमुख तिथियां - फोटो : adobe stock
पितृ पक्ष 2026 श्राद्ध की प्रमुख तिथियां
26 सितंबर – पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर – प्रतिपदा श्राद्ध
28 सितंबर – द्वितीया श्राद्ध
29 सितंबर – तृतीया श्राद्ध व महाभरणी
30 सितंबर – चतुर्थी व पंचमी श्राद्ध
1 अक्तूबर – षष्ठी श्राद्ध
2 अक्तूबर – सप्तमी श्राद्ध
3 अक्तूबर – अष्टमी श्राद्ध
4 अक्तूबर – नवमी श्राद्ध
5 अक्तूबर – दशमी श्राद्ध
6 अक्तूबर – एकादशी श्राद्ध
7 अक्तूबर – द्वादशी व मघा श्राद्ध
8 अक्तूबर – त्रयोदशी श्राद्ध
9 अक्तूबर – चतुर्दशी श्राद्ध
10 अक्तूबर – सर्वपितृ अमावस्या
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तर्पण करने की विधि - फोटो : amar ujala
तर्पण करने की विधि
  • पितृ पक्ष में प्रतिदिन या पूर्वजों की तिथि पर तर्पण करना शुभ माना जाता है। दोपहर के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित किया जाता है। जल में काले तिल मिलाकर, कुश हाथ में लेकर श्रद्धा के साथ पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण करना चाहिए।
  • तर्पण के बाद अन्न, वस्त्र आदि का दान करना और ब्राह्मणों को भोजन कराना भी शुभ फलदायी माना गया है। इससे पितरों की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-शांति का वातावरण कायम रहता है।   
  • तर्पण करते समय बोले ये मंत्र

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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