पूजा के दौरान इस मंत्र का उच्चारण करें
- फोटो : adobe stock
पूजा के दौरान इस मंत्र का उच्चारण करें
“एकादश्यां निराहारः स्थित्वाहमपरेऽहनि, भोक्ष्यामि पुण्डरीकाक्ष शरणं मे भवाच्युत।”
इसके बाद धूप-दीप प्रज्वलित करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें। अंत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें। पूरे दिन उपवास रखें और केवल एक बार फलाहार ग्रहण करें। इस दिन दिन में सोना वर्जित माना गया है। रात्रि में भजन-कीर्तन, मंत्र जाप और विष्णु चालीसा का पाठ करते हुए जागरण करना अत्यंत शुभ होता है।