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Somvati Amavasya 2026: साल की पहली सोमवती अमावस्या पर करें ये सरल उपाय, होगा मनचाहा लाभ

Tue, 09 Jun 2026 06:02 PM IST
Megha Kumari धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Somvati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान, तर्पण करने से जीवन में सुख, शांति व समृद्धि बढ़ती हैं। आइए जानते हैं कि, इस साल सोमवती अमावस्या कब मनाई जाएगी।
 
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सोमवती अमावस्या 2026 - फोटो : AI
Somvati Amavasya 2026 Date: जब अमावस्या सोमवार के दिन मनाई जाती है, तो उसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। साल 2026 में पहली सोमवती अमावस्या अधिक मास में मनाई जाएगी। मान्यता है कि, इस दिन स्नान, दान, पूजा-पाठ करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं। इसके अलावा पितरों की कृपा भी मिलती हैं। शास्त्रों की मानें, को अमावस्या के दिन पितरों का स्मरण करने से वह प्रसन्न होते हैं और विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। वहीं इस दिन कुछ कार्य करने से पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पितृ दोष शांत होता है। आइए इनके बारे में जानते हैं।
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सोमवती अमावस्या - फोटो : adobe stock
सोमवती अमावस्या 2026 कब है?
  • पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि का प्रारंभ 14 जून 2026, रविवार को दोपहर 12:20 बजे से होगा।
  • इस तिथि का समापन 15 जून 2026, सोमवार को सुबह 8:24 बजे माना जा रहा है।
  • उदया तिथि के आधार पर 15 जून 2026, सोमवार को सोमवती अमावस्या मान्य होगी।

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सोमवती अमावस्या - फोटो : adobe stock
सोमवती अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त
  • ब्रह्म मुहूर्त-सुबह 4:04 बजे से 4:44 बजे तक
  • स्नान-दान का श्रेष्ठ समय-ब्रह्म मुहूर्त से सूर्योदय तक

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सोमवती अमावस्या - फोटो : अमर उजाला।
पीपल के वृक्ष की पूजा करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद 7 बार परिक्रमा करें। इससे ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है। साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पितरों का तर्पण करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितरों के तर्पण, पिंडदान और जल अर्पित करने से वंशों पर उनकी कृपा बनी रहती हैं। इससे पितृ दोष शांत होता है।
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सोमवती अमावस्या - फोटो : adobe stock
'ॐ पितृभ्य नमः' मंत्र का जाप करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार 'ॐ पितृभ्य नमः' मंत्र का जाप करें। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही मन शांत और बरकत होती है।

जीवों को अन्न खिलाएं
शास्त्रों की मानें, को सोमवती अमावस्या के दिन गाय, कौवे और चींटियों को भोजन कराएं। इससे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
 
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सोमवती अमावस्या - फोटो : freepik
दान-पुण्य करें
सोमवती अमावस्या के दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, धन का दान करें। अमावस्या के दिन किया गया दान कई गुना पुण्य प्रदान करने वाला माना गया है।

भगवान शिव की आराधना करें
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में सोमवती अमावस्या पर शिवलिंग का जलाभिषेक करें। इससे मनोकामनाएं पूर्ण होने और जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

 

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