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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत रखने से पहले जरूर जान लें ये 5 बड़े नियम

Wed, 27 May 2026 01:13 AM IST
Megha Kumari धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Nirjala Ekadashi 2026: इस साल निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। गुरुवार का विशेष संयोग होने से व्रत की महत्ता और भी कई गुना बढ़ गई है। ऐसे में पूजा-पाठ करने से प्रभु की विशेष कृपा मिल सकती है।
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Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : अमर उजाला
Nirjala Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में खास माना गया है, क्योंकि यह सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रत है। मान्यता है कि, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से बड़े से बड़े संकटों का निवारण होता है। कहते हैं कि, जो भी सच्चे भाव से निर्जला एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। यही वजह है कि इस व्रत को बेहद खास माना जाता है। साल 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 26 जून, शुक्रवार को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 8 बजकर 13 मिनट के बीच किया जाएगा। हालांकि, यह व्रत सामान्य उपवास की तरह नहीं माना जाता, क्योंकि इसमें पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। ऐसे में व्रत रखने से पहले कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक माना गया है।
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Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : अमर उजाला AI
निर्जला एकादशी तिथि
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 6 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होगी और 25 जून 2026 को रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।
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Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : freepik
जानें निर्जला एकादशी के 5 जरूरी नियम
  • निर्जला एकादशी का व्रत दशमी तिथि की रात से ही प्रारंभ हो जाता है। इसलिए इस दिन तामसिक भोजन, लहसुन-प्याज और अन्न का त्याग कर देना चाहिए। वहीं व्रत रखने से पहले सात्विक भोजन ग्रहण करें।

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Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : freepik
  • शास्त्रों की मानें, तो निर्जला एकादशी व्रत में सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तिथि तक जल ग्रहण नहीं किया जाता। इसलिए इस अवधि में कुछ भी ग्रहण करने की भूल न करें। यह उपवास भगवान विष्णु की विशेष कृपा दिलाता है।
     
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Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : adobe
  • निर्जला एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की पूजा करें। प्रभु को तुलसी दल के साथ पंचामृत का भोग लगाए।
  • इसके बाद पूरे दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही मन शांत और सकारात्मक भी रहता है।
  • निर्जला एकादशी अधिक गर्मी के बीच पड़ती है। ऐसे में जल से जुड़ी चीजों का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। इस दिन पानी से भरा घड़ा या  पंखा आदि दान करें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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Nirjala Ekadashi 2026 - फोटो : Amar Ujala
  • शास्त्रों के अनुसार, निर्जला एकादशी पर उपवास करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि इस दिन मन को शांत रखना, क्रोध से दूर रहना और मधुर वाणी बोलना भी जरूरी माना गया है। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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