Nirjala Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में खास माना गया है, क्योंकि यह सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रत है। मान्यता है कि, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से बड़े से बड़े संकटों का निवारण होता है। कहते हैं कि, जो भी सच्चे भाव से निर्जला एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। यही वजह है कि इस व्रत को बेहद खास माना जाता है। साल 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 26 जून, शुक्रवार को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 8 बजकर 13 मिनट के बीच किया जाएगा। हालांकि, यह व्रत सामान्य उपवास की तरह नहीं माना जाता, क्योंकि इसमें पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। ऐसे में व्रत रखने से पहले कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक माना गया है।