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नागपंचमी विशेष: नागों से जुड़ी हैं ये मान्यताएं, आखिर क्यों मनुष्यों के बीच रहस्यमयी हैं सर्प

Fri, 26 Jul 2024 09:08 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

इस साल नागपंचमी का त्योहार 09 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नागों से जुड़ी कई ऐसी मान्यताएं हैं जो उन्हें मनुष्यों के लिए रहस्यमयी बनाती हैं? आइए जानते हैं नागों से जुड़ी कुछ रोचक बातें।
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नागपंचमी - फोटो : Amar Ujala
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, नागों की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय हुई थी। जब देवता और दानव मिलकर समुद्र मंथन कर रहे थे, तब उसमें से अमृत के साथ-साथ कई विषैले पदार्थ भी निकले थे। इन विषैले पदार्थों को पीने से भगवान शिव का गला नीला पड़ गया था, इसलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है। इस विष को पीने के बाद भगवान शिव ने इसे अपने शरीर में ही रख लिया था। सनातन धर्म इसको लेकर कई मान्यताएं हैं, जिसको लेकर नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
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नागपंचमी - फोटो : iStock
नागपंचमी का त्योहार हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और उनकी आराधना की जाती है। नागों को हिंदू धर्म में देवता माना जाता है और इनकी पूजा करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। इस साल नागपंचमी का त्योहार 09 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नागों से जुड़ी कई ऐसी मान्यताएं हैं जो उन्हें मनुष्यों के लिए रहस्यमयी बनाती हैं? आइए जानते हैं नागों से जुड़ी कुछ रोचक बातें।
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नाग पंचमी - फोटो : Amar Ujala
नागपंचमी का त्योहार देशभर के कई हिस्सों में मनाया जाता है। बिहार, बंगाल, राजस्थान आदि जगहों पर में विशेष तौर धूमधाम से मनाया जाता है। इन सभी राज्यों में इस पावन पर्व के साथ कई परंपराएं भी जुड़ी हुई हैं, जिनका संबंध लोगों के जीवन से जुड़ी खुशहाली, सुख-समृद्धि से है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।

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नागपंचमी - फोटो : iStock
उत्तर भारत के कई गावों में नागपंचमी के दिन घर के मुख्यद्वार पर गाय के गोबर से नाग बनाकर उनकी पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस पूजा से सांप से जुड़े तमाम तरह के भय दूर होते हैं। 
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नागपंचमी - फोटो : iStock
नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के बाद दूध की मीठी खीर और दही से खट्टी खीर बनाई जाती है। इन दोनों तरह की खीर का नाग देवता को भोग लगाया जाता है। नागपंचमी के दिन दही वाली खीर खाने के पीछे मान्यता है कि इससे नाग का भय दूर होता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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