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Masan Holi 2025 Date: बनारस में कब मनाई जाएगी मसान होली? जानें कैसे आरंभ हुई ये परंपरा

Fri, 28 Feb 2025 07:52 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Masan Holi in Varanasi : सनातन धर्म में होली का पर्व विशेष महत्व रखता है। इसे सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। होली के दिन मित्र और परिवार के सदस्य मिलकर रंगों का आनंद लेते हैं। देशभर में बनारस की मसान होली बहुत प्रसिद्ध है, जहां शिव भक्त चिता की राख से होली मनाते हैं।
 
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मसान होली 2025 - फोटो : amar ujala
Kab Hai Masan Holi 2025: होली के दिन लोगों में एक अद्भुत उत्साह देखने को मिलता है। देश के विभिन्न हिस्सों में होली मनाने के कई अनोखे तरीके हैं, जिनका विशेष महत्व है। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर खुशियों का जश्न मनाते हैं। उत्तर प्रदेश के बनारस में होली का पर्व एक विशेष तरीके से मनाया जाता है। यहां होली से कुछ दिन पहले विश्वनाथ मंदिर और मणिकर्णिका घाट पर चिता की राख से होली खेली जाती है, जिसे मसान होली के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं कि मसान होली कब है और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

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मसान होली 2025 - फोटो : अमर उजाला
कब है मसान होली?
इस वर्ष मसान होली 11 मार्च को मनाई जाएगी। पौराणिक कथा के अनुसार, महादेव ने रंगभरी एकादशी के दिन मां पार्वती का गौना कराकर उन्हें काशी लाया था। उस समय उन्होंने सभी के साथ गुलाल से होली खेली थी। लेकिन भूत, प्रेत, जीव और जंतु इस पर्व को नहीं मना सके। इसके बाद, उन्होंने रंगभरी एकादशी के अगले दिन मसान की होली खेली। माना जाता है कि तभी से चिता की भस्म से मसान होली मनाने की परंपरा शुरू हुई।
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मसान होली 2025 - फोटो : PTI
क्यों मनाई जाती है मसान होली?
मसान होली, जिसे चिता भस्म होली के नाम से भी जाना जाता है, एक विशेष खेल है जो कई वर्षों से मनाया जा रहा है। यह होली भगवान शिव को समर्पित है और इसे मृत्यु पर विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान भोलेनाथ ने यमराज को पराजित करने के बाद चिता की राख से होली खेली थी। इसी कारण से हर साल इस दिन को विशेष रूप से मनाने की परंपरा है। यह उत्सव दो दिनों तक चलता है। इसमें पहले दिन लोग चिता की राख एकत्रित करते हैं और दूसरी दिन उसी राख से होली खेलते हैं। 

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मसान होली 2025 - फोटो : PTI
कैसे मनाई जाती है? 
मसान की होली का आयोजन विशेष रूप से काशी के मणिकर्णिका घाट पर बड़े धूमधाम से किया जाता है। इस दिन साधु और शिव भक्त महादेव की पूजा-अर्चना करते हैं और हवन का आयोजन करते हैं। इसके बाद चिता की भस्म से होली खेली जाती है। इस दौरान मणिकर्णिका घाट "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठता है, जो एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। इस पावन अवसर पर साधु और शिव भक्त एक-दूसरे को चिता की भस्म लगाकर सुख, समृद्धि और वैभव के साथ महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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मसान होली 2025 - फोटो : अमर उजाला
होली 2025 की तिथि और समय
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा की तिथि 13 मार्च को सुबह 10:35 बजे शुरू होगी और इसका समापन 14 मार्च को दोपहर 12:23 बजे होगा। इस प्रकार, 13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और अगले दिन, यानी 14 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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