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Mahashivratri 2026: अगले महीने है महाशिवरात्रि? यहां जानें सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Tue, 06 Jan 2026 01:38 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Mahashivratri 2026 Mein Kab Hai: महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने की विशेष परंपरा है। इस दिन शिव आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व।
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महाशिवरात्रि 2026 - फोटो : Amar Ujala
Mahashivratri 2026 Date And Time: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव की उपासना करते हैं। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने की विशेष परंपरा है। इसी कारण ब्रह्म मुहूर्त से ही शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। मान्यता है कि इस दिन शिव आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व।

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महाशिवरात्रि 2026 की तिथि - फोटो : freepik
महाशिवरात्रि 2026 की तिथि
दृक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026, रविवार को शाम 5 बजकर 04 मिनट से प्रारंभ होगी और यह तिथि 16 फरवरी 2026, सोमवार को शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। ऐसे में 15 फरवरी, रविवार को ही व्रत और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाएगी। 
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महाशिवरात्रि पर पूजा के शुभ मुहूर्त - फोटो : adobe stock
महाशिवरात्रि पर पूजा के शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:17 बजे से 6:08 बजे तक रहेगा। इस समय स्नान कर शिवलिंग पर जल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक रहेगा। इसके अलावा निशिता काल को शिव पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, जो रात 12:09 बजे से 1:01 बजे (16 फरवरी) तक रहेगा।

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:11 बजे से रात 09:23 बजे तक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:23 बजे से 12:35 बजे तक (16 फरवरी)
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - रात 12:35 बजे से सुबह 03:47 बजे तक (16 फरवरी) 
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - सुबह 03:47 बजे से 06:59 बजे तक (16 फरवरी)

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जलाभिषेक का शुभ समय - फोटो : adobe stock
जलाभिषेक का शुभ समय
महाशिवरात्रि पर सुबह से लेकर रात तक शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है। हालांकि शास्त्रों में विशेष रूप से सुबह के समय और प्रदोष काल को जलाभिषेक के लिए श्रेष्ठ बताया गया है। इसके अलावा चार प्रहर में की जाने वाली शिव पूजा का भी अलग-अलग महत्व होता है।
 
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महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व - फोटो : adobe stock
महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व
महाशिवरात्रि के दिन व्रत, शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। यह दिन शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। माना जाता है कि इस पावन अवसर पर की गई सच्ची भक्ति से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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