Mahashivratri 2022: महाशिवरात्रि का खास पर्व इस साल 01 मार्च 2022 को मनाया जाएगा। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की आराधना करने पर उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष महाशिवरात्रि का त्योहार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाई जाती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के पर्व पर जो शिव भक्त उपवास रहते हुए दिनभर शिव आराधना में लीन रहता है उसकी मनोकामनाएं जरूर पूरी होती है। कष्टों और संकटों का जल्द निवारण हो जाता है। आरोग्यता की प्राप्ति होती है,सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। परंतु भगवान भोलेनाथ की आराधना करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। भगवान शिव की आराधना के समय कुछ ऐसी वस्तुएं हैं जिनका उपयोग उनकी पूजा में नहीं किया जाता। उन्हीं वस्तुओं में से एक है शंख। भगवान शिव की आरधना के समय कभी भी शंख नहीं बजाया जाता, न ही उसका पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का रहस्य-