कृष्ण जन्माष्टमी
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तेरहवां चरण – नैवेद्य
भगवान को मिठाई, फल, दूध-दही-घी आदि का भोग अर्पित करें।
मंत्र:
"शर्कराखण्ड खाद्यानि दधिक्षीरघृतानि च। नैवेद्यं प्रतिगृह्यताम्। ॐ श्री कृष्णाय नमः।"
चौदहवां चरण – ताम्बूल
पान के पत्ते में सुपारी, लौंग, इलायची और मीठा रखकर अर्पित करें।
मंत्र:
"ताम्बूलं प्रतिगृह्यताम्। ॐ श्री कृष्णाय नमः।"
पंद्रहवां चरण – दक्षिणा
अपनी सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा अर्पित करें।
मंत्र:
"ॐ श्री कृष्णाय नमः। दक्षिणां समर्पयामि।"
सोलहवां चरण – आरती
अंत में घी का दीपक लेकर भगवान श्रीकृष्ण की आरती करें और प्रिय कृष्ण भजन/आरती गाएं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।