कृष्ण जन्माष्टमी की तस्वीरें
- फोटो : instagram
बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी पर क्यों होती है मंगला आरती?
बांके बिहारी मंदिर की एक खास परंपरा है कि वहां रोजाना मंगला आरती नहीं होती। पूरे साल में केवल एक ही बार जन्माष्टमी के दिन ठाकुर जी की मंगला आरती की जाती है। इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यता और परंपरा जुड़ी हुई है।
कहा जाता है कि स्वामी हरिदास जी की तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर बांके बिहारी जी का प्राकट्य निधिवन में हुआ था। यही वजह है कि यह स्थान अत्यंत पावन माना जाता है। मान्यता है कि आज भी भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी और गोपियों के साथ रात्रि में रास रचाते हैं और फिर तृतीय प्रहर में विश्राम करते हैं। इसी कारण से उन्हें प्रातःकाल मंगला आरती के लिए नहीं उठाया जाता।
लेकिन जन्माष्टमी का दिन विशेष होता है, क्योंकि यह भगवान कृष्ण के प्राकट्य का पर्व है। इसी शुभ अवसर पर एकमात्र दिन के लिए बांके बिहारी जी की मंगला आरती की जाती है, जो पूरे वर्ष में केवल एक बार होने वाली दुर्लभ और दिव्य आरती मानी जाती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।