फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vrindavan Janmashtami 2025: वृंदावन में कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी?  जानें तिथि और मंगला आरती का समय

Sat, 09 Aug 2025 12:55 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Krishna Janmashtami: वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत भव्यता के साथ मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर पूरे वृंदावन में दिव्य ऊर्जा और आनंद की अनुभूति होती है। आइए जानते हैं कि इस बार 2025 में वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब और कैसे मनाई जाएगी।
विज्ञापन
1 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी 2025 - फोटो : Adobe Stock

Vrindavan Mein Krishna Janmashtami Me Kab: देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन वृंदावन की बात ही कुछ और है। जहां नटखट कान्हा ने अपना बचपन बिताया, लीला रची और गोपियों संग रास रचाया, वहां जन्माष्टमी पर भक्ति की छटा देखते ही बनती है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह होता है। मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया जाता है और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
Hartalika Teej Vrat 2025: भाद्रपद माह में सुहागिन महिलाएं रखेंगी ये कठिन व्रत, यहां जानें पूजा की पूरी विधि
खासकर वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत भव्यता के साथ मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर पूरे वृंदावन में दिव्य ऊर्जा और आनंद की अनुभूति होती है। आइए जानते हैं कि इस बार 2025 में वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब और कैसे मनाई जाएगी।
Aja Ekadashi 2025: अगस्त में कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, पारण का समय और लाभ

विज्ञापन

2 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी 2025 - फोटो : Adobe Stock

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और उनकी लीलाओं की भूमि वृंदावन, दोनों ही स्थान जन्माष्टमी के पर्व पर विशेष महत्व रखते हैं। हालाँकि पूरे देश में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन ब्रज की रौनक और भक्ति का माहौल अलग ही नजर आता है। इस वर्ष 2025 में मथुरा और वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव 16 अगस्त (शनिवार) को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर मंदिरों को सजाया जाएगा, भजन-कीर्तन होंगे और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए उमड़ेंगे।

विज्ञापन

3 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी 2025 - फोटो : Adobe Stock

बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी की खास परंपरा

वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव बेहद खास होता है। इस दिन रात 12 बजे ठाकुर जी की मंगला आरती की जाती है, जो पूरे साल में सिर्फ एक बार, इसी शुभ अवसर पर होती है। इस मौके पर लड्डू गोपाल का विधिपूर्वक महाभिषेक किया जाता है और विशेष पूजन होता है। यही कारण है कि जन्माष्टमी की रात बांके बिहारी मंदिर में एक बार होने वाली मंगला आरती पूरे वर्ष में सबसे खास मानी जाती है। इस दुर्लभ दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से वृंदावन आते हैं।

विज्ञापन

4 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी की तस्वीरें - फोटो : instagram

बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी पर क्यों होती है मंगला आरती?

बांके बिहारी मंदिर की एक खास परंपरा है कि वहां रोजाना मंगला आरती नहीं होती। पूरे साल में केवल एक ही बार जन्माष्टमी के दिन  ठाकुर जी की मंगला आरती की जाती है। इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यता और परंपरा जुड़ी हुई है।

कहा जाता है कि स्वामी हरिदास जी की तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर बांके बिहारी जी का प्राकट्य निधिवन में हुआ था। यही वजह है कि यह स्थान अत्यंत पावन माना जाता है। मान्यता है कि आज भी भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी और गोपियों के साथ रात्रि में रास रचाते हैं और फिर तृतीय प्रहर में विश्राम करते हैं। इसी कारण से उन्हें प्रातःकाल मंगला आरती के लिए नहीं उठाया जाता।

लेकिन जन्माष्टमी का दिन विशेष होता है, क्योंकि यह भगवान कृष्ण के प्राकट्य का पर्व है। इसी शुभ अवसर पर एकमात्र दिन के लिए बांके बिहारी जी की मंगला आरती की जाती है, जो पूरे वर्ष में केवल एक बार होने वाली दुर्लभ और दिव्य आरती मानी जाती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें