Karwa Chauth 2025 : भारत सहित कई अन्य देशों में भी करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से माता करवा और चंद्रदेव की आराधना की जाती हैं। वहीं महिलाएं पति की दीर्घायु, सुखी प्रेम जीवन और अच्छी सेहत के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। व्रत का पारण हमेशा चंद्रमा के दर्शन के बाद किया जाता है। हिंदू धर्म में करवा चौथ के व्रत को पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर व्रती महिलाएं एकजुट होकर करवा चौथ की कथा का पाठ करते हुए सभी बड़ों का आशीर्वाद लेती हैं। साथ ही पति की तरक्की और पारिवारिक सुख-शांति की कामना करते हुए कुछ खास उपाय भी करती हैं। हालांकि, इस समय कथा का पाठ हमेशा शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। इससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-सौभाग्य की वृद्धि होती हैं। ऐसे में इस बार करवा चौथ पर कथा सुनने का शुभ समय क्या रहेगा, आइए जानते हैं।
Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर क्यों होती है चंद्रमा की पूजा? जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथा, पूजा विधि और महत्व