फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karwa Chauth 2024: क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत? जानिए इसका इतिहास और महत्व

Fri, 20 Sep 2024 07:05 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत? - फोटो : Amar Ujala
Karwa Chauth 2024: करवा चौथ का पर्व हिंदू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी विवाहित जीवन की कामना करती हैं और निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही महिलाएं इस दिन अपना व्रत खोलती हैं। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस बार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 20 अक्तूबर 2024 को सुबह 6 बजकर 46 मिनट से आरंभ हो रही है और अगले दिन 21 अक्तूबर 2024 को सुबह 4 बजकर 16 मिनट पर इसका समापन हो रहा है। यानी 20 अक्तूबर 2024 को महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखेंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पर्व की शुरुआत कैसे हुई और यह क्यों मनाया जाता है? आइए हम आपको बताते हैं कि करवा चौथ का व्रत आखिर क्यों मनाया जाता है...
 
विज्ञापन

2 of 5
क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत? - फोटो : freepik
करवा चौथ का इतिहास
पौराणिक कथाओं के अनुसार, पति की लम्बी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत की परंपरा सतयुग से चली आ रही है। इसकी शुरुआत सावित्री के पतिव्रता धर्म से हुई। पौराणिक कथा के मुताबिक, जब यम सावित्री के पति को अपने साथ ले जाने के लिए आए तो, सावित्री ने उन्हें से रोक दिया और अपनी दृढ़ प्रतिज्ञा से अपने पति को वापस पा लिया। तभी से पति की लम्बी उम्र के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं।न
विज्ञापन

3 of 5
क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत? - फोटो : freepik
एक अन्य कहानी पांडवों की पत्नी द्रोपदी से जुड़ी है। इस कथा के अनुसार, वनवास काल में अर्जुन तपस्या करने नीलगिरि पर्वत पर चले गए थे, तब द्रोपदी ने अर्जुन की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण से मदद ली। भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को वैसा ही उपवास रखने को कहा जैसा माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। इसके बाद द्रौपदी ने भी ऐसा ही किया और कुछ ही समय के बाद अर्जुन सुरक्षित वापस लौट आए। इसके बाद से ही करवा चौथ का व्रत रखने की परंपरा शुरू हो गई।

4 of 5
क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत? - फोटो : freepik
करवा चौथ पर चंद्रमा का विशेष महत्व
करवा चौथ का व्रत सुबह सूर्योदय के साथ शुरू होता है और शाम को चांद निकलने पर व्रत को खोला जाता है। इस पर्व में चन्द्रमा का विशेष महत्व है। इस दिन चतुर्थी माता और गणेश जी की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन चंद्रमा की पूजा सौभाग्य, पुत्र, धन-धान्य,पति की रक्षा और संकट टालने के लिए की जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत? - फोटो : freepik
दिन भर व्रत रखने के बाद चतुर्थी को चंद्रमा को जब महिलाएं छलनी की ओट से देखती हैं, तो उनके मन पर पति के प्रति अनन्य अनुराग का भाव आता है और उनके मुख पर एक विशेष कांति आती है। इससे महिलाओं का यौवन अक्षय और दांपत्य जीवन सुखद होता है।
 

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें