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Karwa Chauth 2023: आखिर क्यों कुंवारी लड़की से पढ़ाई जाती है करवा चौथ की कथा? जानें क्या है इसके पीछे की वजह

Thu, 26 Oct 2023 06:06 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक है। क्योंकि इस व्रत को निर्जला रखा जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का उपवास बहुत खास होता है। 
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Karwa Chauth 2023 - फोटो : iStock
karwa chauth katha: करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक है। क्योंकि इस व्रत को निर्जला रखा जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का उपवास बहुत खास होता है। इस दिन पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। साथ ही विधिनुसार पूजा-अर्चना भी करती है। इस खास दिन पर सुहागिन महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती है। फिर शाम को चांद निकलने के बाद ही महिलाएं अपना व्रत पूर्ण करती हैं। इस व्रत से जुड़ी कई मान्यताएं और परंपराएं हैं, जो इसे और खास बनाती हैं। करवा चौथ का त्योहार मुख्य रूप से पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और राजस्थान आदि राज्यों में मनाया जाता है। माना जाता है कि, करवा चौथ के व्रत से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। साथ ही इस व्रत की कथा कुंवारी कन्या से सुनी जाती है। हालांकि इसके पीछे के कारण को बहुत कम लोग जानते हैं। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि आखिर क्यों करवा चौथ की कथा कुंवारी लड़की से पढ़ाई जाती है?
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karwa chauth 2023 : सांकेतिक चित्र। - फोटो : प्रयागराज
कब मनाया जाएगा करवा चौथ?
करवा चौथ का व्रत रखने की परंपरा महाभारत काल से शुरू हुई थी। तब से लेकर आज तक इस व्रत को रखा जाता है। वहीं इस बार करवा चौथ का व्रत बुधवार 01 नवंबर 2023 को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए इस व्रत को रखेंगी।
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Karwa Chauth - फोटो : Social Media
कुंवारी लड़की से क्यों पढ़ाई जाती है कथा?
माता पार्वती को प्रथम सुहागिन महिला के रूप में जाना जाता है। हिन्दू धर्म ग्रंथों और शास्त्रों में किसी भी कुंवारी कन्या का प्रतीक भी माता पार्वती को ही माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुंवारी का मन पवित्रता से परिपूर्ण होता है। इसलिए करवा चौथ के व्रत की कथा कुंवारी लड़की से पढ़ाई जाती है।

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Karwa Chauth - फोटो : istock
करवा चौथ व्रत की मान्यता
सबसे पहले श्रीकृष्ण के कहने पर द्रौपदी ने पांडवों के प्राण की रक्षा के लिए करवा चौथ के व्रत को किया था। माना जाता है कि, द्रौपदी के व्रत रखने के कारण ही पांडवों के प्राण पर कोई आंच नहीं आई थी।
 
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Karwa Chauth - फोटो : social media
इसलिए हर सुहागिन स्त्री को अपने पति की रक्षा और लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन में भी खुशहाली आती है।
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