Krishna Janmasthami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसका इंतजार भक्तों को पूरे साल रहता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। भक्त मध्यरात्रि में कान्हा के जन्म का उत्सव मनाते हैं और उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, श्रीकृष्ण जी का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। इसी वजह से जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मध्यरात्रि को पूजा और इस दिन पर अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र के संयोग को बेहद खास माना गया है। कहते हैं इस शुभ संयोग में विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख-सौभाग्य बढ़ता है और अटके हुए काम पूरे होने के योग बनते हैं। इस साल 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में आइए इसके महत्व और शुभ योग को जानते हैं।
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