फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहिणी नक्षत्र के संयोग में 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी, जानें किस समय होगी पूजा और क्या लगाएं भोग

Mon, 31 Aug 2026 10:35 AM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Krishna Janmasthami 2026: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में आइए इस दिन के महत्व, शुभ योग और पूजन विधि को जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 4
Krishna Janmasthami 2026 - फोटो : अमर उजाला
Krishna Janmasthami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसका इंतजार भक्तों को पूरे साल रहता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। भक्त मध्यरात्रि में कान्हा के जन्म का उत्सव मनाते हैं और उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, श्रीकृष्ण जी का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। इसी वजह से जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मध्यरात्रि को पूजा और इस दिन पर अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र के संयोग को बेहद खास माना गया है। कहते हैं इस शुभ संयोग में विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख-सौभाग्य बढ़ता है और अटके हुए काम पूरे होने के योग बनते हैं। इस साल 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में आइए इसके महत्व और शुभ योग को जानते हैं।
मंगल के नक्षत्र परिवर्तन से इन राशियों का चमक उठेगा भाग्य, पूरी होगी हर एक इच्छा
विज्ञापन

2 of 4
Krishna Janmasthami 2026 - फोटो : अमर उजाला
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुभ योग
इस साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 सितंबर 2026 को रात 2 बजकर 25 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट पर होगा। तिथि के अनुसार, 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को ही कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के दिन मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का संयोग भी बन रहा है।

जन्माष्टमी पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग, इन 4 राशियों के रिश्तों में आ सकता है बड़ा बदलाव
विज्ञापन

3 of 4
Krishna Janmasthami 2026 - फोटो : instagram
शुभ मुहूर्त
श्री कृष्ण जन्मोत्सव की पूजा का शुभ समय 4 सितंबर की रात 11 बजकर 57 मिनट से 5 सितंबर की रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। आप इस अवधि में लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

सितंबर में सूर्य का महागोचर, इन राशि वालों के बदलेंगे दिन, करियर से व्यापार तक मिलेगा लाभ
विज्ञापन

4 of 4
Krishna Janmasthami 2026 - फोटो : instagram
जन्माष्टमी पूजा विधि और भोग
  • हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का मुख्य उत्सव और पूजा मध्यरात्रि में किया जाता है। इसलिए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय ही पूजा करें।
  • सबसे पहले कान्हा जी का पंचामृत से अभिषेक करें और प्रभु को नए वस्त्र पहनाएं।
  • कृष्ठ जी का श्रृंगार करें और उन्हें पालने में झूला झुलाएं।
  • अब श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
  • फिर पंचामृत में तुलसी दल डालकर भगवान को अर्पित करें और प्रभु की बांसुरी को उनके पास रखें।
  • इस दौरान आप पंजीरी, फल, मेवे, नारियल, मिठाई और अन्य प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं।
  • भगवान श्रीकृष्ण की आरती करें और अपने व्रत का पारण करें।
 

2027 तक इन राशि वालों पर मेहरबान रहेंगे शनि, करियर-शादी से लेकर धन लाभ तक मिलेंगे अच्छे परिणाम

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।   

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें