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करवा चौथ 2026: सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ कब? जानें सही डेट और चंद्रोदय का समय

Wed, 09 Sep 2026 02:07 PM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Kab Hai Karwa Chauth 2026: हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। यह पर्व पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत और तरक्की-सम्मान के लिए रखा जाता है। आइए जानते हैं 2026 में यह पर्व कब मनाया जाएगा।
 
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करवा चौथ 2026 - फोटो : अमर उजाला
Kab Hai Karwa Chauth 2026: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह पर्व बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि, करवा चौथ का व्रत रखने से पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है। साथ ही दांपत्य जीवन में प्रेम, खुशियां, विश्वास और समझ भी मजबूत होती है। शास्त्रों में इस दिन के उपवास को कठिन व्रतों में से एक माना गया है, क्योंकि महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जल व्रत रखती हैं। प्रेम, समर्पण और आस्था से जुड़ा यह पावन पर्व साल 2026 में किस तारीख को मनाया जाएगा और इस दिन पूजा का शुभ समय क्या रहेगा? आइए जानते हैं।
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करवा चौथ 2026 - फोटो : Adobe
करवा चौथ 2026 तिथि
  • करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
  • चतुर्थी तिथि आरंभ: 29 अक्तूबर  2026 को सुबह 01:06 बजे से
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्तूबर 2026 को रात 10:09 बजे तक
 

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करवा चौथ 2026 - फोटो : Adobe
करवा चौथ पर भद्रा का साया
ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर भद्रा का साया रहेगा। इस दिन सुबह 6:25 बजे से 6:46 बजे तक भद्रा का समय रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों को करने से बचें।

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करवा चौथ 2026 - फोटो : Instagram
करवा चौथ पूजा विधि
  • सबसे पहले एक साफ चौकी पर करवा माता की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
  • चौकी पर फूल, मिठाई और सुहाग-श्रृंगार का सामान रखें
  • चौकी के पास आप एक जल से भरा हुआ कलश भी अवश्य रखें।
  • अब दीपक और धूपबत्ती जलाकर पूजा करें और कथा का पाठ कर लें।
  • रात में चंद्रमा के निकलने के बाद चंद्रदेव की पूजा करें और उन्हें जल से अर्घ्य दें।
  • पूजा के बाद छलनी से चंद्रमा के दर्शन करें और पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलें।
  • अंत में सुहागिनों को श्रृंगार सामाग्री दान कर व्रत का पारण कर लें।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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