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Pradosh Vrat 2025: ज्येष्ठ माह के पहले प्रदोष पर करें महादेव के इन मंत्रों का जाप, सभी दोषों से मिलेगी मुक्ति

Wed, 21 May 2025 11:23 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pradosh Vrat 2025: वर्तमान में ज्येष्ठ माह जारी है और इस महीने में 24 मई 2025 को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। हालांकि यह मई महीने का आखिरी प्रदोष होगा। 
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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
Pradosh Vrat 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह उपवास परिवार की सुख-समृद्धि, बरकत और संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इस दिन महादेव का पूजन किया जाता है। इसके अलावा पूरे शिव परिवार की आराधना भी की जाती है, इसके प्रभाव से व्यक्ति के जीवन की समस्याएं दूर होती हैं। मान्यता है कि प्रदोष व्रत भोलेनाथ की कृपा पाने का सबसे उत्तम अवसर है। यदि इस दिन व्रत के साथ-साथ शिव जी का रुद्राभिषेक किया जाए, तो व्यक्ति को समस्त दोषों से मुक्ति मिलती हैं। वर्तमान में ज्येष्ठ माह जारी है और इस महीने में 24 मई 2025 को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। हालांकि यह मई महीने का आखिरी प्रदोष होगा। इस दिन  शनिवार होने के कारण यह शनि प्रदोष होगा। ऐसे में प्रदोष व्रत पर भोलेनाथ के मंत्रों के जाप के अलावा आप शनि महाराज की पूजा भी कर सकते हैं। इससे  महादेव और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती हैं। आइए इन मंत्रों को जान लेते हैं।
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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
सुख और शांति प्राप्त करने का मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!

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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।

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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्

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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : adobe
शनिदेव के प्रमुख मंत्र

शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि ।

शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ।।

शनि स्तोत्र
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।

 
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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : अमर उजाला
शनि पीड़ाहर स्तोत्र
सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ।।
तन्नो मंद: प्रचोदयात ।।

शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।

 
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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
शनि का पौराणिक मंत्र
ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

सामान्य मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः।

शनि का वैदिक मंत्र
ऊँ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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