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Bada Mangal 2025: बड़े मंगल पर इस विधि से करें हनुमान जी की पूजा, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

Tue, 20 May 2025 10:49 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Bada Mangal 2025: इस साल ज्येष्ठ माह में दूसरा बड़ा मंगल 20 मई 2025 के दिन मनाया जा रहा है। इस तिथि पर धनिष्ठा नक्षत्र और ऐन्द्र योग का संयोग बना हुआ है। 
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Bada Mangal 2025 - फोटो : adobe
Bada Mangal 2025: ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को बड़ा या बुढ़वा मंगल कहते हैं। इस दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान जी के वृद्ध रूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की उपासना व उपवास रखने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा करियर में सफलता, घर से दोष दूर और व्यापार में लाभ मिलता है।

पौराणिक कथा के अनुसार वीर बजरंगी को अमरता का वरदान ज्येष्ठ माह के मंगलवार को प्राप्त हुआ था। तभी से इस दिन की पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना गया है। हालांकि इस पर्व की खास रौनक उत्तर प्रदेश के लखनऊ में देखने को मिलती हैं। यहां जगह-जगह भंड़ारे, कीर्तन व पूजा-पाठ का भव्य आयोजन किया जाता है।

इस साल ज्येष्ठ माह में दूसरा बड़ा मंगल 20 मई 2025 के दिन मनाया जा रहा है। इस तिथि पर धनिष्ठा नक्षत्र और ऐन्द्र योग का संयोग बना हुआ है। ऐसे में हनुमान जी की आराधना करना और भी लाभकारी है। ऐसे में आइए इस दिन की संपूर्ण पूजा विधि को जानते हैं।
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Bada Mangal 2025 - फोटो : Instagram
बड़ा मंगल पूजा विधि
  • बड़े मंगल पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ही स्नान कर लेना चाहिए।
  • इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें और घर की स्वच्छता का ध्यान रखें।
  • अब सबसे पहले एक चौकी पर हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित कर लें।
  • फिर प्रभु को लाल रंग का फूल अर्पित करें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे लाल रंग के वस्त्र, सिंदूर और अक्षत अर्पित करें
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Bada Mangal 2025 - फोटो : adobe stock
  • इस दौरान चमेली का तेल भी चढ़ाएं।
  • हनुमान जी के मंत्र का जप करते हुए शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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Bada Mangal 2025 - फोटो : adobe stock
  • हनुमान जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
  • अंत में प्रभु की आरती करें और लड्डू को बांट दें।
  • यदि संभव हो, तो इस दिन गुड़ का दान करें। इसके प्रभाव से सभी दोष दूर होते हैं।
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Bada Mangal 2025 - फोटो : adobe stock
कब कब है बड़ा मंगल? 
  • पहला बड़ा मंगल - 13 मई 2025, जो की बीत चुका है।
  •  दूसरा बड़ा मंगल - 20 मई 2025
  •  तीसरा बड़ा मंगल - 27 मई 2025
  • चौथा बड़ा मंगल - 3 जून 2025
  • पांचवां बड़ा मंगल - 10 जून 2025 
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Bada Mangal 2025 - फोटो : अमर उजाला
बजरंग बाण का पाठ 

दोहा 
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करें हनुमान ॥

जय हनुमन्त संत हितकारी ।सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ।।
जन के काज बिलम्ब न कीजै।आतुर दौरि महासुख दीजै ।।

जैसे कूदी सिन्धु महि पारा । सुरसा बदन पैठी विस्तारा ।।
आगे जाय लंकिनी रोका ।मारेहु लात गई सुर लोका ।।

जाय विभीषण को सुख दीन्हा ।सीता निरखि परम-पद लीना ।।
बाग उजारि सिन्धु मह बोरा ।अति आतुर जमकातर तोरा ।।

अक्षय कुमार मारि संहारा ।लूम लपेटि लंक को जारा ।।
लाह समान लंक जरि गई ।जय-जय धुनि सुरपुर में भई ।।

अब बिलम्ब केहि कारन स्वामी ।कृपा करहु उर अन्तर्यामी ।।
जय जय लखन प्रान के दाता ।आतुर होई दु:ख करहु निपाता ।।

जै गिरिधर जै जै सुख सागर ।सुर-समूह-समरथ भट-नागर॥
ओम हनु हनु हनु हनुमंत हठीले ।बैरिहि मारु बज्र की कीले॥

गदा बज्र लै बैरिहि मारो ।महाराज प्रभु दास उबारो ।।
ओंकार हुंकार महाप्रभु धाओ ।बज्र गदा हनु विलम्ब न लाओ ।।

ओम ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा ।ओम हुं हुं हुं हनु अरि उर-सीसा॥
सत्य होहु हरी शपथ पायके ।राम दूत धरु मारू जायके

जय जय जय हनुमन्त अगाधा ।दुःख पावत जन केहि अपराधा ।।
पूजा जप-तप नेम अचारा ।नहिं जानत हो दास तुम्हारा ।।

वन उपवन मग गिरि गृह मांहीं । तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ।।
पायं परौं कर जोरी मनावौं ।येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।

जय अंजनी कुमार बलवंता ।शंकर सुवन वीर हनुमंता ।।
बदन कराल काल कुलघालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक ।।

भूत प्रेत पिसाच निसाचर।अगिन वैताल काल मारी मर ।।
इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की । राखउ नाथ मरजाद नाम की ।।

जनकसुता हरि दास कहावो ।ताकी शपथ विलम्ब न लावो ।।
जै जै जै धुनि होत अकासा ।सुमिरत होत दुसह दुःख नासा ।।

चरण शरण कर जोरि मनावौं ।यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।
उठु उठु चलु तोहि राम-दोहाई ।पायँ परौं, कर जोरि मनाई ।।

ओम चं चं चं चं चपल चलंता ।ओम हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता ।।
ओम हं हं हाँक देत कपि चंचल ।ओम सं सं सहमि पराने खल-दल ।।

अपने जन को तुरत उबारौ ।सुमिरत होय आनंद हमारौ ।।
यह बजरंग बाण जेहि मारै।ताहि कहो फिर कोन उबारै ।।

पाठ करै बजरंग बाण की ।हनुमत रक्षा करैं प्रान की ।।
यह बजरंग बाण जो जापैं ।ताते भूत-प्रेत सब कापैं ।।

धूप देय अरु जपै हमेशा ।ताके तन नहिं रहै कलेसा ।।

    दोहा  
प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान ।
तेहि के कारज सकल सुभ, सिद्ध करैं हनुमान ।।

Bada Mangal 2025: दूसरा बड़ा मंगल कब? इस दिन ज़रूर करें ये विशेष उपाय, होगी सभी मनोकामना पूरी


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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