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January Skanda Shashti 2025: स्कंद षष्ठी आज, यहां जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Sun, 05 Jan 2025 07:30 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी का व्रत अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को रखा जाता है। आइए जानते हैं जनवरी में स्कंद षष्ठी का व्रत किस दिन रखा जाएगा। 
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Skanda Sashti 2025 - फोटो : Amar Ujala
Skanda Sashti 2025 Date: आज स्कन्द षष्ठी है।  हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी का व्रत अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव के बड़े पुत्र यानी भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना का विधान है। भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति माना जाता है। विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय की पूजा दक्षिण भारत में की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय ने दानव तारकासुर का वध कर तीनों लोकों को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था। माना जाता है कि भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से व्यक्ति की हर समस्या का समाधान हो जाता है। आइए जानते हैं जनवरी में स्कंद षष्ठी का व्रत किस दिन रखा जाएगा। साथ ही जानेंगे पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है। 
 

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स्कंद षष्ठी व्रत की तिथि - फोटो : adobe stock
स्कंद षष्ठी व्रत की तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष माह की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि का आरंभ 4 जनवरी की रात 10:00 बजे होगा और इसका समापन 5 जनवरी को रात 8:15 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, स्कंद षष्ठी का व्रत 5 जनवरी को रखा जाएगा।
 

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Skanda Sashti 2025 - फोटो : freepik
स्कंद षष्ठी पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, षष्ठी तिथि 4 जनवरी की रात 10:00 बजे से 5 जनवरी की रात 8:15 बजे तक है। इस अवधि में भक्त विधिपूर्वक भगवान कार्तिकेय की पूजा कर सकते हैं।
 

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Skanda Sashti 2025 - फोटो : freepik
शुभ योग का निर्माण
इस वर्ष स्कंद षष्ठी पर रवि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो सुबह 7:15 बजे से रात 8:18 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, सर्वार्थ सिद्धि योग भी इस दिन पूरी रात रहेगा। इसके पश्चात त्रिपुष्कर योग और अभिजीत मुहूर्त का भी विशेष महत्व रहेगा।
 
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स्कंद षष्ठी व्रत का महत्व - फोटो : adobe stock
स्कंद षष्ठी व्रत का महत्व
भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन की समस्याओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही व्यक्ति को अमोघ फल की प्राप्ति होती है। भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत संतान सुख की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। भगवान कार्तिकेय की कृपा से रोगों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। स्कंद षष्ठी व्रत का पालन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि भक्तों को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का आशीर्वाद भी मिलता है।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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