श्री कृष्ण और इरावन का संबंध
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जब इरावन ने स्वयं जताई बलि की इच्छा
पौराणिक मान्यताओं एवं धर्मशास्त्रों के अनुसार, कुरुक्षेत्र में युद्ध करते समय कौरवों की सेना जब पांडवों पर भारी पड़ने लगी तब पांडवों को लगने लगा कि वह यह युद्ध हार जाएंगे। तब सर्वसम्मति से काली माता को नरबलि चढ़ाने की बात कही गई। सभी ने एक राय तय करके कहा कि यदि किसी राजा के पुत्र की बलि दी जाए तो पांडव यह युद्ध जीत जाएंगे। बलि देने के नाम पर कोई राजकुमार सामने नहीं आया। तब अर्जुन के पुत्र इरावन सामने आए और बलि देने को राजी हो गए।