जगन्नाथ मंदिर में रोज क्यों बदली जाती है ध्वजा
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ध्वजा निर्माण और अर्पण की प्रक्रिया
प्रतिदिन जो नई ध्वजा अर्पित की जाती है, वह विशेष रूप से तैयार की जाती है। यह ध्वजा लगभग 20 फीट लंबी त्रिकोणीय आकृति की होती है, जिस पर विशेष धार्मिक रंग और चिन्ह अंकित होते हैं। भक्तजन भी अकसर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु भगवान को ध्वजा अर्पण करते हैं। ऐसी ध्वजाएं मंदिर के सेवकों को दी जाती हैं, जिन्हें अगले दिन शिखर पर चढ़ाया जाता है।
श्री जगन्नाथ मंदिर की ध्वजा दूर से ही दिखाई देती है। इसे देखने मात्र से भक्तों को पुण्य लाभ प्राप्त होता है। कई श्रद्धालु केवल ध्वजा के दर्शन के लिए ही मंदिर परिसर में आते हैं, क्योंकि इसे देखने से भगवान के दर्शन जैसा ही फल मिलता है।
ध्वजा की उपस्थिति बताती है कि भगवान मंदिर में विराजमान हैं, और उनके आशीर्वाद की ऊर्जा संपूर्ण दिशा में फैल रही है।
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