प्रातःकाल में उठकर स्नानादि करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें, इसके बाद शुभ मुहूर्त के समय हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करने के बाद पूजा आरंभ करें। इस दिन माता पार्वती और शिव जी के साथ उनके पुत्र गणेश की पूजा भी की जाती है। माता पार्वती, शिव जी और गणेश जी की बालू की प्रतिमाएं बनाएं, और एक चौकी पर स्थापित करें, साथ ही कलश भी स्थापित करें। उसके बाद तिलक करें। माता पार्वती को अक्षत, चुनरी, फूल, फल, धूप दीप आदि अर्पित करें।
शिव जी को सफेद चंदन, बिल्वपत्र, भांग, धतूरा आदि अर्पित करें, भगवान शिव को सफेद फूल अर्पित करने चाहिए। भगवान शिव की पूजा करते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। उसके बाद शिव, पार्वती गणेश जी को भोग लगाएं। मां पार्वती का पूजन करते समय ॐ उमायै नम: मंत्र का जाप करें, और अच्छे वर की कामना करें।
इस मुहूर्त में करें पूजा
प्रातः काल में 5 बजकर 53 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।
शाम के समय 6 बजकर 54 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 6 मिनट पूजा करने का समय है।