Hariyali Teej
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हरे रंग का अर्थ
सावन के महीने को प्रकृति की सौंदर्यता के तौर पर देखा जाता है। धर्मग्रंथों में स्त्री को भी प्रकृति के समतुल्य ही माना गया है। प्रकृति की हरियाली की तरह स्त्रियों से भी जीवन में ख़ुशी और स्फूर्ति बनी रहती है। हरा रंग,खुशहाली, समृद्धि,उ त्कर्ष, प्रेम, दया, पावनता, पारदर्शिता का प्रतीक है। सुहागिन महिलाएं हरे रंग की चूड़ियां,परिधान अपने पति की खुशहाली,तरक्की,दीर्घायु और सेहतमंद जीवन के लिए पहनती हैं। मान्यता है कि हरा रंग पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास को बढ़ाता है व इस माह में ये रंग पहनने से शिव-पार्वती की कृपा बनी रहती है। इसलिए तो हरियाली तीज या हरियाली अमावस्या जैसे त्योहारों में हरे रंग के कपड़े व हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा है। असल में इस तरह का श्रृंगार प्रकृति से नाता झलकाता है।