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Hariyali Amavasya 2025: कब है हरियाली अमावस्या? जानें शुभ मुहूर्त और स्नान दान का महत्व

Thu, 17 Jul 2025 03:10 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hariyali Amavasya 2025: सावन में आने वाली अमावस्या तिथि को हरियाली अमावस्या या श्रावण अमावस्या के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं इस वर्ष यह पर्व किस दिन मनाया जाएगा।
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हरियाली अमावस्या 2025 - फोटो : adobe stock
Hariyali Amavasya 2025: भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास की शुरुआत 11 जुलाई 2025 से हो चुकी है, जो 9 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस माह में आने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष हरियाली अमावस्या 24 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए विशेष विधि-विधान किए जाते हैं। मान्यता है कि पितृकार्य और शिवपूजन दोनों करने से न केवल पितरों का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।

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हरियाली अमावस्या 2025 तिथि - फोटो : adobe stock
हरियाली अमावस्या 2025 तिथि
इस बार अमावस्या तिथि की शुरुआत 24 जुलाई 2025 को रात 2:28 बजे होगी और इसका समापन 25 जुलाई 2025 को दोपहर 12:40 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार पर्व 24 जुलाई को ही मनाया जाएगा।

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शुभ समय और योग:
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4:15 बजे से 4:57 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक
अमृत काल- दोपहर 2:26 से 3:58 बजे तक
सर्वार्थ सिद्ध योग- पूरे दिन रहेगा
गुरु पुष्य योग- शाम 4:43 बजे से आरंभ होगा और अगले दिन सुबह 05:39 बजे तक रहेगा
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हरियाली अमावस्या पर करें ये शुभ कार्य - फोटो : amar ujala
हरियाली अमावस्या पर करें ये शुभ कार्य
  • इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। यदि नदी स्नान संभव न हो, तो घर पर ही बाल्टी या टब में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान कर सकते हैं।
  • स्नान के बाद अपने पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करना चाहिए।
 

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हरियाली अमावस्या पर करें ये शुभ कार्य - फोटो : adobe stock
  • पितृकार्य के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक या रुद्राभिषेक अवश्य करें।
  • इस दिन वटवृक्ष अथवा पीपल के पेड़ में जल चढ़ाना और दीपक जलाना भी पुण्यदायक होता है।
  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दान देना अत्यंत फलदायी माना गया है।
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हरियाली अमावस्या का महत्व - फोटो : adobe stock
हरियाली अमावस्या का महत्व
पुराणों में उल्लेख है कि श्रावण मास में किया गया दान, स्नान, पूजन और तप विशेष पुण्यफल देने वाला होता है। हरियाली अमावस्या के दिन किया गया व्रत, पूजा-पाठ और तर्पण व्यक्ति को पूर्व जन्मों और वर्तमान जीवन में अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति दिलाता है। साथ ही यह दिन जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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