फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2025: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी आज, जानें  शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Sun, 16 Feb 2025 07:07 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2025: फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं। आइए जानते हैं कि फरवरी में द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कब मनाई जाएगी।
विज्ञापन
1 of 5
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2025 - फोटो : amar ujala
Kab Hai Dwijapriya Sankashti Chaturthi: आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी है। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी के व्रत का विशेष महत्व है। हर महीने की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है। दृक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस पावन दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।  आइये जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि क्या है।

Tulsi Mala Pahnne ke Niyam: क्या आप भी तुलसी की माला धरण करते हैं? जानें इससे जुड़े नियम और महत्व

Chanakya Niti: जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमेशा ध्यान रखें चाणक्य नीति की ये चार बातें

Magh Purnima 2025: माघ पूर्णिमा के दिन करें ये अचूक उपाय, सभी समस्याओं से मिलेगा छुटकारा

Kumbh Sankranti 2025: कब है कुंभ संक्रांति? सूर्य-शनि के मिलन पर करें स्नान-दान, जानें महत्व

विज्ञापन

2 of 5
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2025 - फोटो : instagram
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी तिथि 
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि आरंभ: 15 फरवरी, शनिवार, रात्रि 11: 53  मिनट से  
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि समाप्त:17 फरवरी, सोमवार रात्रि 2 :15 मिनट तक
ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत 16 फरवरी को रखा जाएगा। 
विज्ञापन

3 of 5
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2025 - फोटो : instagram
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2025 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 05:16 मिनट से प्रातः 06: 07 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02: 28 मिनट से दोपहर 03:12 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – सायं 06:09 मिनट से सायं 06:35 मिनट तक
अमृत काल- रात्रि 09:48 मिनट से रात्रि 11:36 मिनट तक

4 of 5
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2025 - फोटो : instagram
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी की पूजा कैसे करें 
  • द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। 
  • इसके बाद चौकी पर एक साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश और शिव परिवार की मूर्तियाँ स्थापित करें। 
  • फिर उन्हें मोदक, लड्डू, अक्षत और दूर्वा जैसी सामग्री चढ़ाएं। 
  • भगवान गणेश के माथे पर तिलक करें और देसी घी का दीप जलाकर उनकी आरती करें। 
  • इसके बाद, श्रद्धा पूर्वक व्रत कथा का पाठ करें। 
  • कथा समाप्त होने पर गणेश जी  को मिठाई, मोदक और फल का भोग अर्पित करें। 
  • सुखद जीवन की कामना करते हुए प्रसाद का वितरण करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2025 - फोटो : instagram
इन मंत्रों का करें जाप 

श्री गणेश मंत्र
ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥

गणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि,
तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥

ऋणहर्ता गणपति मंत्र
ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्॥



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें