धनतेरस का त्योहार आज पूरे जोर शोर से मनाया जा रहा है। जैसा कि सब जानते हैं कि धनतेरस से दिवाली के महापर्व का आरंभ होता है और आज धनतेरस पर जो भी शुभ मुहूर्त निकलता है उसी में सारी खरीदारी की जाती है। पौराणिक मान्यताओं में धनतेरस के दिन खरीदारी को काफी शुभ माना जाता है। धनतेरस की दस्तक ही दीपावली के आगमन का सूचक है। अमूमन धनतेरस के दिन सोने और चांदी के बने आभूषण और सिक्के खरीदने की सदियों पुरानी सनातन परंपरा है जो चली आ रही है। मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन बर्तन,सोना, चांदी और पीतल सहित कई अन्य सामान खरीदने से उसमें तेरह गुना वृद्धि होती है। यही वजह कि धनतेरस पर ज्यादातर घरों में लोग बर्तन, झाड़ू जैसे कई सामानों की खरीदारी करते हैं। इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। भगवान धन्वंतरि धनत्रयोदशी के दिन हाथ में चांदी का पात्र लेकर उत्पन्न हुए थे। इसलिए इस दिन चांदी का बर्तन, चम्मच या चांदी के आभूषण खरीदने का बहुत महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि धनतेरस के दिन चांदी खरीदने से सौभाग्य खुलता है और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। वैसे तो धनतेरस के दिन चांदी की कोई भी वस्तु खरीदने से घर में खुशहाली आती है, लेकिन धनतेरस पर झाड़ू भी खरीदी जाती है और इसका अपना अलग ही महत्व है।