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Devshayani Ekadashi 2026: कल देवशयनी एकादशी की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, मिलेंगे शुभ फल

Fri, 24 Jul 2026 11:29 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Devshayani Ekadashi Mantra Jaap: पूजा के समय वैदिक और पौराणिक मंत्रों का उच्चारण करना अत्यंत फलदायी माना गया है। आइए जानते हैं देवशयनी एकादशी व्रत में किए जाने वाले प्रमुख मंत्रों के बारे में।
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Devshayani Ekadashi 2026 - फोटो : AI
Devshayani Ekadashi Mantra Jaap In Hindi: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की पवित्र अवधि की शुरुआत मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और लगभग चार महीनों तक इसी अवस्था में रहते हैं। इस दौरान सृष्टि के पालन की जिम्मेदारी अन्य देव शक्तियों पर रहती है। इस विशेष दिन भक्त व्रत रखते हैं और श्रीहरि की विधि-विधान से पूजा करते हैं। पूजा के समय वैदिक और पौराणिक मंत्रों का उच्चारण करना अत्यंत फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि श्रद्धा और सही मंत्रों के साथ की गई उपासना से शीघ्र शुभ फल प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं इस दिन किए जाने वाले प्रमुख मंत्रों के बारे में।
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संकल्प मंत्र - फोटो : adobe stock
संकल्प मंत्र
देवशयनी एकादशी की पूजा का प्रारंभ संकल्प के साथ किया जाता है। प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। हाथ में जल और अक्षत लेकर संकल्प मंत्र का उच्चारण करें-

'सत्यस्थ: सत्यसंकल्प: सत्यवित् सत्यदस्तथा। धर्मो धर्मी च कर्मी च सर्वकर्मविवर्जित:।। कर्मकर्ता च कर्मैव क्रिया कार्यं तथैव च। श्रीपतिर्नृपति: श्रीमान् सर्वस्यपतिरूर्जित:।।'

मंत्र जप के बाद अपना नाम, गोत्र और व्रत का प्रकार (निर्जल, फलाहार या नक्त) बोलकर जल को थाली में छोड़ दें। इससे व्रत का संकल्प पूर्ण माना जाता है।
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शयन मंत्र - फोटो : adobe
शयन मंत्र
इस दिन भगवान विष्णु को शयन कराने की परंपरा भी है। संध्या पूजा के बाद एक छोटे से आसन या पलंग पर उनकी प्रतिमा को विश्राम कराया जाता है। इस समय ‘सुप्ते त्वयि जगन्नाथ…’ मंत्र का जाप किया जाता है।

'सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत सुप्तं भवेदिदम। विबुद्धे त्वयि बुध्येत जगत सर्वं चराचरम।'

इस मंत्र का 7, 11, 13 या 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इसके साथ रात्रि पूजा का समापन किया जाता है।

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विष्णु मंत्र - फोटो : freepik
विष्णु मंत्र
पूरे दिन में सुबह और शाम भगवान विष्णु के विभिन्न मंत्रों का जप किया जा सकता है, जैसे-
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेवाय।
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।


इन मंत्रों के नियमित जप से मन की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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क्षमा मंत्र - फोटो : amar ujala
क्षमा मंत्र
पूजा के दौरान यदि कोई त्रुटि हो जाए, तो अंत में क्षमा याचना करना आवश्यक माना जाता है। व्रत खोलने से पहले भगवान विष्णु के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े हों और मन ही मन क्षमा मांगें। इसके बाद यह मंत्र बोलें-

'भक्तस्तुतो भक्तपर: कीर्तिद: कीर्तिवर्धन:। कीर्तिर्दीप्ति: क्षमाकान्तिर्भक्तश्चैव दया परा।।'

इस मंत्र का 3, 5, 7 या 11 बार जप कर जल या पुष्प भगवान के चरणों में अर्पित करें।

देवशयनी एकादशी 2026 तिथि
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी तिथि 24 जुलाई को सुबह 09:12 बजे से आरंभ होकर 25 जुलाई को सुबह 11:34 बजे तक रहेगी। ऐसे में व्रत 25 जुलाई को रखा जाएगा। व्रत का पारण 26 जुलाई को सुबह 05:39 से 08:22 बजे के बीच करना उत्तम रहेगा।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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