संकल्प मंत्र
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संकल्प मंत्र
देवशयनी एकादशी की पूजा का प्रारंभ संकल्प के साथ किया जाता है। प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। हाथ में जल और अक्षत लेकर संकल्प मंत्र का उच्चारण करें-
'सत्यस्थ: सत्यसंकल्प: सत्यवित् सत्यदस्तथा। धर्मो धर्मी च कर्मी च सर्वकर्मविवर्जित:।। कर्मकर्ता च कर्मैव क्रिया कार्यं तथैव च। श्रीपतिर्नृपति: श्रीमान् सर्वस्यपतिरूर्जित:।।'
मंत्र जप के बाद अपना नाम, गोत्र और व्रत का प्रकार (निर्जल, फलाहार या नक्त) बोलकर जल को थाली में छोड़ दें। इससे व्रत का संकल्प पूर्ण माना जाता है।