तुलसी पूजन की विधि,
तुलसी के चारों तरफ स्तंभ बनाकर उस पर तोरण सजाएं और रंगोली से अष्टदल कमल बनाएं। शंख,चक्र और गाय के पैर बनाएं। साथ ही तुलसी के साथ आंवले का गमला भी लगाएं। दशाक्षरी मंत्र से तुलसी का आवाहन करें और घी का दीपक जलाएं। कम से कम 20 बार तुलसी जी की परिक्रमा करें। तुलसी के चारों ओर दीपदान करें। देवउठनी एकादशी के दिन श्रीहरि को तुलसी चढ़ाना दस हज़ार गोदान के बराबर है। जिन दंपत्तियों के संतान नही है उनको तुलसी पाठ जरुर करना चाहिए।
ॐ श्री तुलस्यै विद्महे।
विष्णु प्रियायै धीमहि।
तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।।
तुलसी पूजन के समय इस मंत्र का जाप करें।