प्राचीन ग्रंथों जैसे मार्कण्डेय पुराण में छठी देवी को प्रकृति का छठा रूप बताया गया है।
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छठ पूजा का महत्व
छठ पूजा का महत्व अत्यंत आध्यात्मिक और धार्मिक माना जाता है। यह पर्व दिवाली के छह दिन बाद, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि छठी मैया, सूर्यदेव की बहन हैं, जो संतान की रक्षा और परिवार के कल्याण का आशीर्वाद देती हैं। प्राचीन ग्रंथों जैसे मार्कण्डेय पुराण में छठी देवी को प्रकृति का छठा रूप बताया गया है, जो सृष्टि के संतुलन और जीवन की ऊर्जा से जुड़ी हैं। छठ पर्व से जुड़ी अनेक पौराणिक कथाएँ हैं, जिनमें राजा प्रियंवद और द्रौपदी की कथा विशेष रूप से प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इन कथाओं से प्रेरित होकर लोगों ने सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना आरंभ की, ताकि उनके जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। आज भी करोड़ों श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ यह व्रत रखते हैं, जो आस्था, तप और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।