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Chhath Puja 2022 Day 3: आज डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, जानें सूर्यास्त का समय और जल चढ़ाने की विधि

Sun, 30 Oct 2022 12:41 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन - फोटो : अमर उजाला
Chhath Puja 2022 Day 3 Sandhya Arghya: आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है। आज के दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है। मतलब आज डूबते हुए सूर्य क अर्घ्य दिया जाता है। संतान प्राप्ति और संतान की उन्नति के लिए रखा जाने वाला चार दिवसीय छठ पर्व शुरू हो चुका है। इस साल छठ पूजा 28 अक्तूबर से शुरू होकर 31 अक्तूबर तक चलने वाली है। पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पर्व मनाया जाता है, लेकिन इससे दो दिन पहले यानी चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो जाती है। मुख्य रूप से छठ का महापर्व बिहार में मनाया जाता है, लेकिन देश से लेकर विदेशों तक में इस पर्व की धूम रहती है। 30 अक्टूबर को इस महापर्व का तीसरा दिन होगा। इस पर्व का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य के लिए होता है, जिसमें व्रत करने वाली महिलाएं पानी के अंदर जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। चार दिवसीय छठ पर्व में तीसरा दिन सबसे खास होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं छठ पूजा के दौरान संध्या अर्घ्य कब दिया जाएगा, इसके लिए शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि क्या है... 

Chhath Puja 2022 Rules: छठ पूजा में इन नियमों का पालन है जरूरी, तभी मिलेगा पूजा का पूर्ण फल 
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खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन - फोटो : iStock
खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन
छठ महापर्व का तीसरा दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है। ये छठ पूजा का सबसे प्रमुख दिन होता है। इस दिन शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। महिलाएं दूध और पानी से सूर्य भगवान को अर्घ्य देती हैं। वहीं पूजन सामग्री में बांस की टोकरी में फल, फूल, ठेकुआ, चावल के लड्डू, गन्ना, मूली, कंदमूल और सूप रखा जाता जाता है। इस दिन जैसे ही सूर्यास्त होता है परिवार के सभी लोग किसी पवित्र नदी, तालाब या घाट पर एकत्रित होकर एक साथ सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं।  

Chhath Puja Calendar 2022: चार दिवसीय छठ महापर्व शुरू, जानें हर दिन का महत्व, पूजा विधि और सब कुछ
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खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन - फोटो : iStock
परिवार और संतान की लंबी उम्र की कामना 
इस दिन महिलाएं अपने परिवार, बच्चों की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। छठी माता और सूर्य देव से घर में सुख समृद्धि की मांग करती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से छठी माता व्रत करने वाली महिलाओं के परिवार और संतान को लंबी आयु और सुख समृद्धि का वरदान देती हैं।

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खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन - फोटो : amar ujala
छठ पूजा 2022 संध्या अर्घ्य 
छठ पूजा के दौरान सूर्यास्त के समय अर्घ्य देने का खास महत्व होता है। संध्या अर्घ्य 30 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर दिया जाएगा। इसके बाद अगले दिन 31 अक्तूबर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 27 मिनट पर होगा। इस समय सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ रहेगा। 
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खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन - फोटो : amar ujala
सूर्य देव कैसे दें अर्घ्य?
छठ पूजा में सूर्यदेव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। षष्ठी तिथि पर सभी पूजन सामग्री को बांस की टोकरी में रख लें। नदी, तालाब या जल में प्रवेश करके सबसे पहले मन ही मन सूर्य देव और छठी मैया को प्रणाम करें। इसके बाद सूर्य देव और अर्घ्य दें। सूर्य को अर्घ्य देते समय "एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते, अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर" इस मंत्र का उच्चारण करें। 
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