फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा कब? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Sat, 03 May 2025 01:12 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vaishakh Purnima: बुद्ध पूर्णिमा का महत्व केवल उनके जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दिन की पावनता इसलिए भी विशेष है क्योंकि यही वह तिथि है जब भगवान बुद्ध को बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे गहन तपस्या के बाद सत्य और ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। बुद्ध पूर्णिमा को आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का विशेष अवसर माना जाता है।
विज्ञापन
1 of 4
बुद्ध पूर्णिमा - फोटो : adobe stock
Buddha Purnima Kab Hai: बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हर वर्ष वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था, जिन्हें भगवान विष्णु का नौवां अवतार भी माना जाता है।
Shukra Gochar 2025: 1 साल बाद शुक्र का बड़ा गोचर, इन 5 राशियों को मिलेगी सुख समृद्धि
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व केवल उनके जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दिन की पावनता इसलिए भी विशेष है क्योंकि यही वह तिथि है जब भगवान बुद्ध को बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे गहन तपस्या के बाद सत्य और ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने जीवन, दुःख, और मुक्ति के गहरे रहस्यों को समझा और मानवता को धर्म का मार्ग दिखाया।
Vyatipat Yoga: सूर्य-चंद्र के दुर्लभ व्यतिपात योग से प्रभावित होंगी ये राशियां, करियर पर पड़ेगा सीधा असर
बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह दिन ध्यान, तप, और करूणा के अभ्यास का प्रतीक है, जबकि हिंदू धर्म में इसे ईश्वर के अवतार के रूप में पूजा जाता है। इस दिन कई लोग सत्य, अहिंसा और संयम का व्रत लेकर पुण्य अर्जित करते हैं। बुद्ध पूर्णिमा को आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का विशेष अवसर माना जाता है।
Trigrahi Yog in Pisces: मीन राशि में बनेगा दुर्लभ त्रिग्रही योग, इन राशियों को रखना होगा फूंक-फूंक कर कदम
विज्ञापन

2 of 4
बुद्ध पूर्णिमा - फोटो : adobe stock
बुद्ध पूर्णिमा कब है?
बुद्ध पूर्णिमा 2025 का पर्व 11 मई 2025 को रात 8 बजकर 1 मिनट से प्रारंभ होगा और 12 मई 2025 को रात 10 बजकर 25 मिनट तक समाप्त होगा। उदया तिथि के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा का पर्व 12 मई ,सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान गौतम बुद्ध की 2587वीं जयंती मनाई जाएगी, जो बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म दोनों के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन

3 of 4
बुद्ध पूर्णिमा - फोटो : adobe stock
बुद्ध पूर्णिमा शुभ योग और मुहूर्त
बुद्ध पूर्णिमा के दिन वरियान योग और रवि योग का संयोग बन रहा है, जो इस पर्व को और भी खास बनाता है। रवि योग का समय सुबह 5 बजकर 32 मिनट से लेकर 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, जबकि भद्रावास योग सुबह 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। 

इन योगों में पवित्र नदियों में स्नान, भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है, जो आत्मिक शांति और पुण्य अर्जन का कारण बनते हैं। यह समय पूजा, ध्यान और तप के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। इस दिन के विशेष योगों का लाभ उठाकर लोग भगवान बुद्ध की कृपा प्राप्त करने के साथ-साथ अपने जीवन में शांति और समृद्धि लाने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन

4 of 4
बुद्ध पूर्णिमा - फोटो : adobe stock
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व
बुद्ध पूर्णिमा का पर्व हिन्दू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह दिन न केवल भगवान गौतम बुद्ध का जन्मदिन है, बल्कि इसी दिन उन्हें सत्य का ज्ञान भी प्राप्त हुआ था। बौद्ध धर्म के अनुयायी इस दिन को भगवान बुद्ध द्वारा दिखाए गए जीवन के सत्य और उनके धर्म के उपदेशों का पालन करने के रूप में मनाते हैं। इस दिन का धार्मिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह दिन आध्यात्मिक जागरूकता और मानवता के सेवा की प्रेरणा देता है। ध्यान, साधना, और करुणा के साथ भगवान बुद्ध की पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की परेशानियों से उबरने में मदद मिलती है।
हिंदू धर्म में भी इस दिन का महत्व है क्योंकि इसे भगवान विष्णु के नौवे अवतार के रूप में देखा जाता है। भगवान बुद्ध ने जीवन के दुःख, पाप, और कर्म के फल को समझाया और इसे पवित्र उपदेशों के माध्यम से मानवता को दिखाया।  इस दिन को आध्यात्मिक उन्नति, आत्मिक शांति, और पुण्य अर्जन का अवसर माना जाता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें