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Bakrid 2019: बकरीद में क्या है कुर्बानी का महत्व

Mon, 12 Aug 2019 08:21 AM IST
कशिश मिश्रा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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बकरीद 2019

मीठी ईद खत्म होने के बाद बकरीद का इंतजार सभी इस्लाम धर्म के लोगों को होता है। इस साल बकरीद 11 या 12 अगस्त को मनाई जाएगी। बकरीद को इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है। इसे कुर्बानी का त्योहार भी कहते हैं। आइए जानते हैं बकरीद से जुड़ी कुछ खास बातों को.…

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बकरीद 2019
मीठी ईद के खत्म होने के दो महीने बाद बकरीद का त्योहार मनाया जाता है। इस के आने से पहले बाजार में भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। इस दिन बकरे की कुर्वानी दी जाती है। ऐसे में कुछ लोगों के मन में यह भी सवाल उठता है कि आखिर बकरे की कुर्बानी ही क्यों दी जाती है इस दिन। क्या इस्लाम धर्म में बकरे को ज्यादा महत्व दिया जाता है लेकिन कुर्बानी का मतलब तो कुछ और ही होता है।

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इस्लाम धर्म में हजरत इब्राहिम को अल्लाह का पैगंबर बताया गया है। इब्राहिम पूरी जिंदगी दुनिया के सेवा में बीता दिए। 90 वर्ष के उम्र में भी जब उन्हें कोई संतान नहीं हुई तब उन्होंने अल्लाह से दुआ में एक चांद सा बेटा मांगा। अल्लाह ने उनकी मुराद पूरी की।

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एक दिन हजरत के सपने में आया की खुदा को कुछ कुर्बानी दो। इस आदेश का पालन करने के इबाहिम ने सबसे पहले अपनी ऊंट की कुर्बानी दी। फिर उन्होंने सपना देखा अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बानी में दो। इसके बाद एख-एक कर वह अपनी पसंद की चीजों की कुर्बानी दे दी लेकिन सपना आना बंद नहीं हुआ।

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इस घटना के बाद बकरे की कुर्बानी देने की पारंपरा चली आ रही है। बकरे की कुर्बानी के बाद गोश्त को तीन हिस्से में बांटा जाता है। एक हिस्सा गरीब लोगों को दिया जाता है। दूसरा रिश्तेदारों को और तीसरा हिस्सा घर लाया जाता है।

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