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Baglamukhi Jayanti 2026: कब मनाई जाएगी बगलामुखी जयंती? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और विशेष उपाय

Tue, 14 Apr 2026 03:39 PM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

दस महाविद्याओं में शामिल मां बगलामुखी को विशेष रूप से शक्तिशाली और प्रभावशाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि उनकी उपासना करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं।
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बगलामुखी जयंती 2026 - फोटो : amar ujala
Baglamukhi Jayanti 2026: हिंदू धर्म में शक्ति की आराधना को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। दस महाविद्याओं में शामिल मां बगलामुखी को विशेष रूप से शक्तिशाली और प्रभावशाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि उनकी उपासना करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं। खासकर शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और अपनी वाणी पर नियंत्रण पाने के लिए मां बगलामुखी की पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है। वर्ष 2026 में उनकी जयंती एक शुभ संयोग में पड़ रही है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।
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बगलामुखी जयंती 2026 - फोटो : amar ujala
बगलामुखी जयंती तिथि 
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि आरंभ:   24 अप्रैल, प्रातः 07:18 मिनट पर 
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि समाप्त: 25 अप्रैल, प्रातः 5:51 मिनट पर  
बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल को मनाई जाएगी। 
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बगलामुखी जयंती 2026 - फोटो : amar ujala
मां बगलामुखी की महिमा
मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है और उन्हें “स्तंभन शक्ति” की देवी कहा जाता है। ऐसा विश्वास है कि उनकी कृपा से व्यक्ति अपने शत्रुओं की वाणी और बुद्धि को नियंत्रित कर सकता है। उनकी उपासना विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी मानी जाती है जो जीवन में विरोधियों से परेशान हैं या कोर्ट-कचहरी और वाद-विवाद जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। मां की आराधना से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है और व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है। पीले रंग से विशेष लगाव होने के कारण उन्हें पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है।

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बगलामुखी जयंती 2026 - फोटो : amar ujala
पूजा की सरल विधि
  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करें। 
  • पूजा के लिए पीले आसन का उपयोग करें। 
  • मां बगलामुखी की प्रतिमा या तस्वीर को गंगाजल से शुद्ध करें। 
  • इसके बाद पीले फूल, चंदन, फल और बेसन के लड्डू अर्पित करें। 
  • घी या सरसों के तेल का दीपक जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें। 
  • संभव हो तो व्रत रखें और पूरे मन से मां का ध्यान करें।
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बगलामुखी जयंती 2026 - फोटो : amar ujala
मंत्र जाप का महत्व
पूजा के दौरान मां बगलामुखी के मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। 
“ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वान्कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा।”
इस मंत्र का जाप हल्दी की माला से करने पर अधिक लाभ मिलता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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