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Shani Pradosh Vrat 2023: कब है शनि प्रदोष व्रत? जानें शिव पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Fri, 23 Jun 2023 10:28 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आषाढ़ शनि प्रदोष व्रत तिथि और पूजा विधि - फोटो : अमर उजाला
Shani Pradosh Vrat 2023: प्रत्येक माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ते हैं। एक शुक्ल पक्ष और दूसरा कृष्ण पक्ष में। दोनों प्रदोष व्रत भगवान शिव शंकर को समर्पित है। इस समय आषाढ़ माह चल रहा है और इस माह के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत 1 जुलाई 2023, शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन शनिवार होने की वजह से इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस व्रत को करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और शनि दोष भी दूर होता है। शनि प्रदोष व्रत पुत्र प्राप्ति की कामना के लिए भी किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि शनि प्रदोष के दिन व्रत रखकर शिव जी की पूजा करने से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में...

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आषाढ़ शनि प्रदोष व्रत तिथि और पूजा विधि - फोटो : iStock
आषाढ़ शनि प्रदोष व्रत तिथि  
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 1 जुलाई दिन शनिवार को रात 01 बजकर 16 मिनट से शुरू हो रही है। वहीं इसका समापन 1 जुलाई को रात 11 बजकर 07 मिनट पर होगा।
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आषाढ़ शनि प्रदोष व्रत तिथि और पूजा विधि - फोटो : iStock
पूजा का शुभ मुहूर्त
  • शनि प्रदोष पूजा मुहूर्त-  शाम 07 बजकर 23 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 24 मिनट तक
  • लाभ-उन्नति मुहूर्त - शाम 07 बजकर 23 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 39 तक

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आषाढ़ शनि प्रदोष व्रत तिथि और पूजा विधि - फोटो : iStock
शनि प्रदोष व्रत पूजा
  • प्रदोष व्रत वाले दिन पूजा के लिए प्रदोष काल यानी शाम का समय शुभ माना जाता है।
  • सूर्यास्त से एक घंटे पहले, भक्त स्नान करें और पूजा के लिए तैयार हो जाएं।
  • स्नान के बाद संध्या के समय शुभ मुहूर्त में पूजा आरंभ करें।
  • गाय के दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • फिर शिवलिंग पर श्वेत चंदन लगाकर बेलपत्र, मदार, पुष्प, भांग, आदि अर्पित करें।
  • फिर विधिपूर्वक पूजन और आरती करें।
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आषाढ़ शनि प्रदोष व्रत तिथि और पूजा विधि - फोटो : iStock
शनि प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत रखने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और सभी दुखों को दूर करके सुख, शांति, समृद्धि प्रदान करते हैं। वहीं जो लोग संतानहीन हैं, उनको विशेषकर शनि प्रदोष व्रत करना चाहिए। कहा जाता है इस व्रत को करने से शिव की कृपा से जातक को संतान की प्राप्ति होती है।  
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