फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vibhuvana Sankashti Chaturthi: तीन साल में एक बार आता है गणेश जी को समर्पित यह व्रत, जानें पूजा विधि और महत्व

Fri, 04 Aug 2023 09:38 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 - फोटो : iStock
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2023: आज यानी 4 अगस्त को विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत है। वैसे तो प्रत्येक माह में दो चतुर्थी तिथि पड़ती है। एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में, लेकिन विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर तीन साल में एक बार ही आता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह व्रत अधिक मास में पड़ता है। अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। साथ ही व्यक्ति को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस व्रत में रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही यह व्रत पूर्ण होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्र अर्घ्य समय... 

Ganesh Utsav 2023: इस साल कब से हो रही है गणेश उत्सव की शुरुआत, जानें गणपति स्थापना की विधि और मुहूर्त 
विज्ञापन

2 of 6
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 - फोटो : iStock
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 तिथि
सावन अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 4 अगस्त, शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 05 अगस्त, शनिवार को सुबह 09 बजकर 39 मिनट पर होगा। इस दिन गणेश जी के साथ चंद्रमा पूजा की महत्व होता है और चंद्रोदय का समय 4 अगस्त को है। ऐसे में विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत 4 अगस्त को ही रखा जाएगा। 
विज्ञापन

3 of 6
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 - फोटो : iStock
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 पूजा का मुहूर्त
4 अगस्त को विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 39 से लेकर सुबह 07 बजकर 21 मिनट तक है। इसके बाद दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 03 बजकर 52 मिनट तक है।

Nag Panchami 2023: नाग पंचमी के दिन भूल से भी न करें ये काम, पुण्य की जगह मिलेगा पाप 

4 of 6
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 - फोटो : iStock
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 चंद्रोदय समय
4 अगस्त को चंद्रमा की उदय रात 09 बजकर 20 मिनट पर होगा। इस दिन आप चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करके कर सकते हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 - फोटो : iStock
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 पूजा विधि
  • विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन सबसे पहले सुबह उठें और स्नान करें।
  • इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करें।
  • पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
  • स्वच्छ आसन या चौकी पर भगवान को विराजित करें।
  • भगवान की प्रतिमा या चित्र के आगे धूप-दीप प्रज्वलित करें।
  • ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें।
  • पूजा के बाद भगवान को लड्डू या तिल से बने मिष्ठान का भोग लगाएं।
  • शाम को व्रत कथा पढ़कर चांद देखकर अपना व्रत खोलें।
  • अपना व्रत पूरा करने के बाद दान करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 - फोटो : iStock
विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व
शास्त्रों में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। वे अपने भक्तों की सारी विपदाओं को दूर करते हैं और उनकी मनोकामनाएं को पूर्ण करते हैं। ऐसे में विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत रखकर गणपति की पूजा-आराधना करने से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें