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हिमाचल में इस साल कुदरत ने ढाया ऐसा कहर, डूब गए 1600 करोड़, 343 ने गंवाई जान

Tue, 25 Dec 2018 01:51 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में इस बार कुदरत ने ऐसा कहर ढाया कि सैकड़ों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी और करोड़ों रुपये डूब गए। राज्य में भारी बरसात तथा जनजातीय क्षेत्रों में समय से पहले बर्फबारी से प्रदेश में 1600 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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पिछले दस सालों में यह नुकसान सर्वाधिक है। पहली जुलाई से अब तक प्रदेश में कुल 405 भूस्खलन तथा 34 बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। सर्वाधिक नुकसान मुख्य लोक निर्माण विभाग को पहुंचा है। सड़कों व पुलों को लगभग 930 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।
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जबकि सिंचाई एंव जन स्वास्थ्य विभाग को 430 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। भारी वर्षा तथा अप्रत्याशितबर्फबारी के कारण कृषि फसलों तथा अधोसंरचना को 130.37 करोड़ रुपये की क्षति की रिपोर्ट प्राप्त हुई है।

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बाढ़, भू:स्खलन, बादल फटने तथा सड़क दुर्घटनाओं के कारण 343 लोगों ने अपनी जानें गवाई हैं।  सरकार ने मानव जीवन के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए 13.72 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की।
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हालांकि सरकार ने क्षतिग्रस्त सड़कों व अधोसंरचना को शीघ्र बहाल करना सुनिश्चित किया है ताकि आम जनमानस तथा राज्य में आने वाले सैलानियों को असुविधा न हो। चंबा, कुल्लू तथा लाहौल-स्पिति जिलों से 3 सितंबर से एक अक्तूबर,2018 के बीच विभिन्न माध्यमों से 4033 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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राज्य सरकार के आग्रह पर लाहौल-स्पिति तथा चंबा जिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राज्य को भारतीय वायु सेना के सात हेलीकॉप्टर प्रदान किए गए। इन जिलों से 292 लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों तक लाया गया।  
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इस साल हुए नुकसान को ध्यान में रखकर हिमाचल सरकार ने मामला केंद्र से उठाया ताकि अधिक से अधिक आर्थिक सहायत जारी हो सके। इस पर केंद्र सरकार से भी राहत एवं पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करने में हर संभव सहायता प्रदान की गई। 
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