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Year Ender 2021: सुर्खियों में रही सामरिक महत्व की अटल टनल, पर्यटकों की पहली पसंद, जानें इसकी खासियतें

Thu, 23 Dec 2021 04:22 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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अटल टनल रोहतांग - फोटो : अमर उजाला
दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई 10040 फीट पर बनी 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग वर्ष 2021 में भी सुर्खियों में रही। तीन अक्तूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन किया था। इसके बाद से अटल टनल देशभर के पर्यटकों के लिए पहली पसंद बनी है। इस साल अब तक लाखों सैलानी अटल टनल को निहार चुके हैं। उद्घाटन के बाद से बीते वर्ष करीब पांच लाख सैलानियों से अटल टनल को निहारा था। इस साल अटल टनल आने वाले वाहनों का आंकड़ा 6,59,087 पहुंच गया है। इनमें 50 फीसदी पर्यटक वाहन है।

15 दिसंबर को इस वर्ष सबसे अधिक वाहन अटल टनल के आर-पार हुए हैं। यह सर्दियों के महीनों में  अब तक का सबसे बड़ा ट्रैफिक है। 14 दिसंबर को 6301 वाहन अटल टनल के आर-पार हुए, जबकि 15 दिसंबर को कुल 6318 वाहन सुरंग के आर-पार हुए। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने तीन जून 2002 को टनल बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। आगे जानें क्या हैं अटल टनल की खासियतें...
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निर्माण के दौरान अटल टनल - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1972 में देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने लाहौल-स्पीति का दौरा किया था। उस समय उनके जेहन में टनल बनाने का विचार आया था। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने तीन जून 2002 को टनल बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। सोनिया गांधी ने इसकी आधारशिला 2010 में रखी थी। 
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अटल टनल - फोटो : अमर उजाला
टनल निर्माण के लिए शुरुआत में 1400 करोड़ का बजट था। लेकिन समय अधिक लगने के कारण इसके बजट में भी इजाफा हो गया। टनल पर करीब 3200 करोड़ खर्च किया गया। इसके बाद तीन अक्तूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन किया। टनल बनने से मनाली और लौहाल-स्पीति की दूरी 46 किलोमीटर कम हो गई है।

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अटल टनल रोहतांग - फोटो : atal tunnel
यह 10040 फीट ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी 9.02 किलोमीटर सुरंग है। यह दुनिया की पहली टनल है जिसमें 4जी कनेक्टिविटी मुहैया करवाई गई है। अटल टनल किसी अजूबे से कम नहीं है। यह टनल अपनी विशेषताओं के लिए खास है। 
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अटल टनल - फोटो : अमर उजाला
टनल में हर 500 मीटर पर आपातकाल सुरंग है, जो टनल के दोनों छोरों पर निकलती है। हर 150 मीटर पर आपातकाल 4जी फोन की सुविधा है। हर 60 मीटर पर सीसीटीवी हैं। अटल टनल रोहतांग के दोनों छोरों पर पूरी टनल का कंट्रोल रूम है। यहां से हर किसी पर पैनी नजर रखी जाती है।

 
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अटल टनल रोहतांग की एस्केप सुरंग - फोटो : अमर उजाला
अटल टनल रोहतांग में आपदा की सूरत में एस्केप टनल फंसे हुए लोगों को बाहर निकालेगी। इसे वैकल्पिक तौर पर बनाया गया है। जिसका एक छोर नॉर्थ जबकि दूसरा साउथ पोर्टल में खुलता है। एस्केप टनल में बाकायदा आपात इग्रेस डोर के नीचे दोनों छोरों की दूरी दर्शाने वाले बोर्ड लगाए गए हैं।

    
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अटल टनल रोहतांग - फोटो : अमर उजाला
अटल टनल रोहतांग को 10 वर्षों में मात्र 3200 करोड़ रुपये में तैयार किया गया है। टनल के निर्माण के दौरान सेरी नाला के पानी के चलते 600 मीटर पैच में चार साल का समय लग गया। अन्यथा वर्ष 2015 में ही टनल बनकर तैयार हो जाती। टनल के ऊपर दो किलोमीटर ऊंचा पहाड़ है। इससे टनल को हैवी सपोर्ट सिस्टम देना पड़ा।
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