हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला परिषद की मंगलवार को हुई बैठक में किसानों और बागवानों को बर्फबारी, ओलावृष्टि तथा तूफान से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने पर जमकर हंगामा हुआ। बैठक के दौरान कांग्रेस और माकपा समर्थित सदस्यों ने सदन में प्रदेश सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए व प्रदर्शन किया। आधे घंटे तक हुए प्रदर्शन के बाद पार्षदों ने बैठक से वाकआउट कर दिया, इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया। इससे पहले सुबह 11:15 बजे जिला परिषद के उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेकटा की अध्यक्षता में बचत भवन में बैठक शुरू हुई।
इसमें 15वें वित्त आयोग से संबंधित धनराशि की स्वीकृति बारे और राज्य वित्त आयोग राशि से संबंधित धनराशि उपयोग की स्वीकृति के मुख्य एजेंडे रखे गए। बैठक के 15 मिनट बाद सदस्यों ने मांगों को लेकर बीच में प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसमें सरस्वती नगर वार्ड सदस्य कौशल मुंगटा, नरैण वार्ड के त्रिलोक चंद, खशधार वार्ड की मोनीता, जुन्गा वार्ड की संतोष शर्मा, कुमारसैन वार्ड से उज्जवल सैन, बढाल वार्ड से विशाल सांकटा, हलोग-धामी वार्ड से प्रभा वर्मा, झाकड़ी वार्ड से कविता कंटू और बगलती वार्ड से हुक्म चंद ने प्रदर्शन कर बागवानी मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कोरम पूरा न होने के कारण इन एजेंडों को स्वीकृति नहीं मिल पाई।