वे सिर्फ यूक्रेन भाषा ही जानती हैं। बीच-बीच में उन्हें इशारों से ही समझाना पड़ता है।रविवार सुबह करीब 3:30 बजे यूक्रेनी महिला कलाकारों का दल कुल्लू से दिल्ली के लिए रवाना हो गया है। उन्हें रविवार शाम को दिल्ली से दक्षिण भारत को रवाना होना है, जहां पर उनका अगला कार्यक्रम है।