मौत को मात देने की कोशिशें सारी रात जारी रही। जिंदा रहने के लिए छात्रों ने कपड़े तक जला डाले। मगर जब मदद पहुंची तो पांच में से दो छात्रों की सांसे टूट गई। आइए हम तस्वीरों के जरिए आपको बताते हैं पूरी घटना-
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हिमाचल की मणिकर्ण घाटी के रशोल-मलाणा ट्रैक पर दिल्ली के पांच छात्र ट्रैकिंग पर गए थे। मगर इनमें से दो की मौत हो गई। बाकी जो तीन बचे हैं उनकी हालत भी नाजुक है। बर्फ में ऐसे फंसे कि सारी रात मौत से लड़ना पड़ा। जिंदा रहने के लिए कपड़े तक जला दिए। मगर जब मदद पहुंची तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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बताया जा रहा है कि बीते बुधवार दोपहर बाद आईसीआई संस्थान दिल्ली के नेपाल मूल के छात्र विकास, नितेश, वीतपरा, अर्जुन और संतोष मणिकर्ण घाटी के रशोल से ऐतिहासिक गांव मलाणा के लिए ट्रैक पर निकले थे। चार घंटे बाद सभी रशोल टॉप पर पहुंचे तो यहां तीन फीट बर्फ थी।
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इसी दौरान ताजा बर्फबारी भी शुरू हो गई, जिससे मुश्किलें और भी बढ़ गई। भारी बर्फबारी के बीच रात के अंधेरे में इन्हें सुरक्षित जगह भी नहीं मिल पाई। टॉप से 100 मीटर नीचे एक पेड़ के नीचे सभी अंधेरे में बैठे रहे। कड़ाके की ठंड व सर्द हवाओं से खुद को बचाने के लिए इन्होंने चार स्लीपिंग बैग और कपड़ों को जलाया लेकिन आग ज्यादा देर नहीं टिकी।
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बुधवार रात मोबाइल बंद होने से पहले ट्रैकरों ने रास्ते से भटकने की सूचना 100 नंबर पर पुलिस को दे दी थी। भूख-प्यास और कड़ाके की ठंड से सुबह होने पर जब दो छात्रों की स्थिति बेहद नाजुक हुई तो अन्य तीनों छात्र घबरा गए।
रेस्क्यू टीम पहुंचने के बाद इनकी जान में जान आई पर अस्पताल पहुंचकर दो छात्रों ने दम तोड़ दिया। एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर ने बताया कि दो छात्रों की मौत हो गई है। अन्य तीन छात्र अभी भी अस्पताल में भर्ती है और इनकी हालत में सुधार हो रहा है।