हिमाचल में मानसून का कहर: दो की मौत, कई घर तबाह, 12 लोग फंसे
Thu, 28 Jul 2016 09:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में मंगलवार रात से जारी मूसलाधार बारिश से भारी तबाही हुई है। लगातार जारी बारिश से जहां प्रदेश की दो मुख्य नदियां यमुना और ब्यास उफान पर हैं आ गई हैं वहीं कई सड़कें भी बंद हो गई है। भारी बारिश के चलते एक छात्रा समेत दो लोगों की मौत हो गई है।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में मंगलवार रात से जारी मूसलाधार बारिश से भारी तबाही हुई है। लगातार जारी बारिश से जहां प्रदेश की दो मुख्य नदियां यमुना और ब्यास उफान पर आ गई हैं वहीं कई सड़कें भी बंद हो गई है। भारी बारिश के चलते एक छात्रा समेत दो लोगों की मौत हो गई है।
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सिरमौर के संगड़ाह के जोगाधार गांव में मंगलवार रात 12:30 बजे मूसलाधार बारिश के बीच एक घर पर पहाड़ गिरने से मलबे में दबकर दो की मौत हो गई। हादसे में मां-बेटी भी घायल हो गईं। मरने वालों में एक मेहमान थीं जबकि दूसरी इसी घर की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी थी।
- फोटो : अमर उजाला
सिरमौर के संगड़ाह के जोगाधार गांव में मंगलवार रात 12:30 बजे मूसलाधार बारिश के बीच एक घर पर पहाड़ गिरने से मलबे में दबकर दो की मौत हो गई। हादसे में मां-बेटी भी घायल हो गईं। मरने वालों में एक मेहमान थीं जबकि दूसरी इसी घर की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी थी।
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हादसे में 50 वर्षीय मेहमान कांसो देवी पत्नी लायक राम निवासी मंडोली की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 11वीं में पढ़ने वाली मैना देवी की 17 वर्षीय बेटी सीमा देवी को सीएचसी संगड़ाह ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारिश के चलते प्रदेश में कई जगह नुकसान हुआ है। प्रदेश भर में 45 से अधिक सड़क मार्ग भूस्खलन होने से बंद हो गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में 50 वर्षीय मेहमान कांसो देवी पत्नी लायक राम निवासी मंडोली की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 11वीं में पढ़ने वाली मैना देवी की 17 वर्षीय बेटी सीमा देवी को सीएचसी संगड़ाह ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारिश के चलते प्रदेश में कई जगह नुकसान हुआ है। प्रदेश भर में 45 से अधिक सड़क मार्ग भूस्खलन होने से बंद हो गए हैं।
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राजगढ़-सोलन मार्ग पांच घटों तक बंद रहा। बारिश से कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। निचले क्षेत्रों में भारी बारिश से खेतों में मलबा जाने से धान की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई। कुल्लू जिला में भूस्खलन से एनएच 305 कोट नाला के समीप बंद हो गया है। एचआरटीसी की तीन बसें यहां फंसी हुई हैं। जबकि एक दर्जन रूट प्रभावित हैं।
- फोटो : अमर उजाला
राजगढ़-सोलन मार्ग पांच घटों तक बंद रहा। बारिश से कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। निचले क्षेत्रों में भारी बारिश से खेतों में मलबा जाने से धान की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई। कुल्लू जिला में भूस्खलन से एनएच 305 कोट नाला के समीप बंद हो गया है। एचआरटीसी की तीन बसें यहां फंसी हुई हैं। जबकि एक दर्जन रूट प्रभावित हैं।
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चंबा जिला में तीसा-बैरागढ़-पांगी मार्ग शुक्राली नाला में भूस्खलन होने से बंद है। मंडी जिला में भी बारिश होने से नदी-नाले उफान पर हैं। बरोट क्षेत्र के तहत मटरू गांव में भारी बारिश से नाले में जलस्तर बढ़ने के कारण पैदल चलने योग्य पुल ढह गया है। रास्ते का लगभग 400 मीटर भाग पानी के तेज बहाव में बह गया।
- फोटो : अमर उजाला
चंबा जिला में तीसा-बैरागढ़-पांगी मार्ग शुक्राली नाला में भूस्खलन होने से बंद है। मंडी जिला में भी बारिश होने से नदी-नाले उफान पर हैं। बरोट क्षेत्र के तहत मटरू गांव में भारी बारिश से नाले में जलस्तर बढ़ने के कारण पैदल चलने योग्य पुल ढह गया है। रास्ते का लगभग 400 मीटर भाग पानी के तेज बहाव में बह गया।
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पंडोह की ग्राम पंचायत जागर के गांव टिकरी सांबल में दो मकान ढह गए हैं और एक को क्षति पहुंची है। धर्मुपर के सतरेहड़ और मठी बनवार गांव में जमीन धंसने से घरों का खतरा पैदा हो गया है। जिला कांगड़ा में मंगलवार रात तेज बारिश से कई जगह रास्ते, डंगे ढहे हैं। बुधवार को यहां मौसम साफ रहा।
- फोटो : अमर उजाला
पंडोह की ग्राम पंचायत जागर के गांव टिकरी सांबल में दो मकान ढह गए हैं और एक को क्षति पहुंची है। धर्मुपर के सतरेहड़ और मठी बनवार गांव में जमीन धंसने से घरों का खतरा पैदा हो गया है। जिला कांगड़ा में मंगलवार रात तेज बारिश से कई जगह रास्ते, डंगे ढहे हैं। बुधवार को यहां मौसम साफ रहा।
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जिला सिरमौर में यमुना नदी में पानी के तेज बहाव के बीच दर्जन भर लोग फंस गए, जिन्हें स्थानीय गोताखोरों व पुलिस की मदद से पांच घंटे बाद बचा लिया गया। कुल्लू जिला में कोठी के समीप ब्यास नाला में आठ मजदूर फंस गए। जिन्हें सुरक्षित निकाला जा चुका है। जबकि एक मजदूर पर पत्थर गिरने से हालत नाजुक है।
- फोटो : अमर उजाला
जिला सिरमौर में यमुना नदी में पानी के तेज बहाव के बीच दर्जन भर लोग फंस गए, जिन्हें स्थानीय गोताखोरों व पुलिस की मदद से पांच घंटे बाद बचा लिया गया। कुल्लू जिला में कोठी के समीप ब्यास नाला में आठ मजदूर फंस गए। जिन्हें सुरक्षित निकाला जा चुका है। जबकि एक मजदूर पर पत्थर गिरने से हालत नाजुक है।
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राजधानी शिमला में भी बारिश से कई जगह नुकसान हुआ है। प्रदेश हाईकोर्ट के पास स्थित एक होटल पर देवदार का पेड़ गिरा है। शिमला में बुधवार दोपहर बाद जोरदार बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी शिमला में भी बारिश से कई जगह नुकसान हुआ है। प्रदेश हाईकोर्ट के पास स्थित एक होटल पर देवदार का पेड़ गिरा है। शिमला में बुधवार दोपहर बाद जोरदार बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
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कांगड़ा में भारी बारिश के कारण सड़क पर गिरा पेड़। इससे कई घंटों तक यातायात ठप रहा।
- फोटो : अमर उजाला
कांगड़ा में भारी बारिश के कारण सड़क पर गिरा पेड़। इससे कई घंटों तक यातायात ठप रहा।
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प्रदेश के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में वीरवार को बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो अगस्त तक पूरे प्रदेश में बारिश होने का सिलसिला जारी रहने की बात कही है।
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प्रदेश के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में वीरवार को बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो अगस्त तक पूरे प्रदेश में बारिश होने का सिलसिला जारी रहने की बात कही है।
बुधवार को ऊना में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। शिमला में 20.6, धर्मशाला में 26.6, नाहन में 24.7, सोलन में 26.5, सुंदरनगर में 29.3, भुंतर में 24.3, कल्पा में 19, मंडी में 31.2, हमीरपुर में 31.6, बिलासपुर में 32.9, कांगड़ा में 30.8, मनाली में 27.6 और केलांग में 28.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया।
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बुधवार को ऊना में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। शिमला में 20.6, धर्मशाला में 26.6, नाहन में 24.7, सोलन में 26.5, सुंदरनगर में 29.3, भुंतर में 24.3, कल्पा में 19, मंडी में 31.2, हमीरपुर में 31.6, बिलासपुर में 32.9, कांगड़ा में 30.8, मनाली में 27.6 और केलांग में 28.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया।