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आदमखोर के नाम से मशहूर है ये ग्लेशियर, अब तक कई गंवा चुके हैं जान

Mon, 25 Jun 2018 01:25 PM IST
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल स्पीति)
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दुनिया के मशहूर ट्रैक रूटों में शुमार 26 किलोमीटर लंबे कांगला ग्लेशियर में ट्रैकर कदमताल कर सकेंगे। लाहौल स्पीति पुलिस प्रशासन ने ट्रैकरों की मदद को तिंगरेट में पुलिस का अस्थायी सहायता कक्ष खोल दिया है। आदमखोर के नाम से मशहूर कांगला ग्लेशियर पर कदम रखने से पहले ट्रैकरों को पुलिस के अस्थायी सहायता कक्ष में अपना नाम, पता और पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। 
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आठ माह बाद ट्रैकिंग के लिए कांगला ग्लेशियर बहाल होने से देश-विदेश के ट्रैकरों रोमांचित हो गए हैं।  पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पंजीकरण होने पर विपरीत परिस्थितियों के बीच पुलिस की टीम उनकी मदद को आगे आ सकेगी। जानकारी के अनुसार 26 किलोमीटर लंबे कांगला ग्लेशियर को पार करने के लिए ट्रैकरों को दो दिन ग्लेशियर के ऊपर ही तंबू गाड़कर रात गुजारनी पड़ती है। यह ट्रैक रूट विदेशी ट्रैकरों का मनपसंद ट्रैकिंग स्थल है।
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ट्रैकर लाहौल के मयाड़ घाटी होते हुए कांगला ग्लेशियर को पार कर लेह लद्दाख के जस्कर पहुंचते हैं। लाहौल घाटी के मयाड़ होते हुए मशहूर ट्रैकिंग स्थल कांगला ग्लेशियर ट्रैकरों की आवाजाही को खोल दिया गया है। अब देश-विदेश के ट्रैकर कांगला ग्लेशियर पर कदमताल कर सकते हैं।

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पुलिस ने ट्रैकरों की मदद को तमाम तैयारियां करते हुए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। गौर रहे कि कई विदेशी ट्रैकर इस ट्रैकिंग रूट पर अपनी जान भी गंवा चुके हैं। ऐसे में लाहौल स्पीति पुलिस प्रशासन ट्रैकरों की सहायता व सुरक्षा के लिए पंजीकरण को सख्त है।
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पुलिस अधीक्षक राजेश धर्माणी ने कहा कि कांगला ग्लेशियर पर ट्रैकिंग करने वाले ट्रैकरों की सुरक्षा को तिंगरेट में पुलिस सहायता कक्ष खोला गया है। उन्होंने कहा कि कांगला ग्लेशियर में ट्रैकिंग से पहले ट्रैकरों को पुलिस के अस्थायी सहायता कक्ष में अपना नाम, पता और पंजीकरण करना अनिवार्य होगा।
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