पंजाब में बढ़ते हुए नशे से हो रहे नुकसान केबारे में खली ने बताया कि जालंधर के पास उनकी अकादमी है। कई गांवों केयुवा अकादमी में रेसलर्स बनने केलिए पहुंचते हैं। इनके कई साथी जोकि नशे के आदी थे, उन्होंने जब अपने साथी गांव केलड़कों को अकादमी में रेसलिंग के खेल के जरिए अपनी बॉडी बनाते देखा तो उनमें से कई नशा छोड़कर इस खेल में आ गए हैं। खली ने बताया कि अकादमी में देश भर से 300 युवा रेसलर्स ट्रेनिंग ले रहे हैं। यहां से ट्रेनिंग लेकर कविता देवी, सतिंदर, लवप्रीत विदेशों में रेसलिंग कर रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूई में दोबारा खेलने के सवाल पर खली ने कहा कि अगर मुझे फिर से खेलने का न्योता मिलता है तो फुल टाइम के लिए नहीं खेलूंगा क्योंकि हमें जालंधर स्थित अकादमी से भविष्य के लिए रेसलर्स भी तैयार करने हैं।