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शहीद की पार्थिव देह पहुंचते ही बिलख पड़े परिजन, रोते हुए महिलाएं बोलीं- मेरा बेटा भी बनेगा फौजी

Wed, 20 Nov 2019 07:53 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुनिहार (सोलन)
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- फोटो : अमर उजाला
सियाचिन में गश्त के दौरान भारी हिमस्खलन से बर्फ में दबकर देश के लिए कुर्बान हुए हिमाचल के लाल मनीष ठाकुर का बुधवार को उनके पैतृक गांव सोलन के कुनिहार के दोची में सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चार दिन बाद घर छुट्टी आने की बात कहने वाला बेटा बुधवार को जब तिरंगे में लिपटकर घर के आंगन में पहुंचा तो हर कोई रो पड़ा।
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- फोटो : अमर उजाला
महज 22 साल की छोटी उम्र में शहादत पाने वाले मनीष को सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से विदा किया। पूरा क्षेत्र ‘मनीष ठाकुर अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान हो उठा।
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बुधवार दोपहर करीब 2 बजे डोगरा रेजीमेंट के जवानों ने शहीद की पार्थिव देह दोची गांव पहुंचाई और परिजनों को सौंपी। पार्थिव देह के घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। मां-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

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श्मशानघाट में शहीद के भाई राहुल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान डीएसपी पूरन चंद ठुकराल, सीओ डोगरा रेजीमेंट 14 सोलन से कर्नल थॉमस सस्टेन, जिला सेना कल्याण उपनिदेशक दीपक धवन, कार्यकारी एसडीएम अर्की संतराम शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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शहीद की अंतिम यात्रा में पहुंचे जिला प्रशासन अधिकारी एसडीएम सोलन रोहित राठौर ने फौरी राहत के तौर पर शहीद के परिजनों को 25 हजार की राशि दी।
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- फोटो : अमर उजाला
शहीद के घर गमगीन माहौल के बीच कुछ मातृ शक्ति ने बहादुरी का परिचय देते हुए कहा कि भारत माता की सेवा में मेरा लाल भी सेना में शामिल होगा। भले ही इस दौरान उनकी आंखें नम थीं लेकिन जुबान पर देश के लिए जज्बा बरकरार नजर आया।
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