जीएसटी के विरोध में हिमाचल में कारोबारियों के बाजार बंद की कॉल का मिला-जुला असर रहा। शिमला को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में अधिकतर दुकानें बंद रहीं। सजा के प्रावधान और स्लैब को लेकर कारोबारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजे। प्रदेश के कारोबारी जीएसटी के तहत नई टैक्स प्रणाली का विरोध कर रहे हैं।
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शिमला में कारोबारियों के बाजार बंद का आह्वान बेअसर रहा। शहर में इक्का-दुक्का दुकानें ही बंद रहीं। उधर, जीएसटी के विरोध में बिलासपुर जिले में दुकानें बंद रहीं।
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जो दुकानें खुलीं, उन्हें भी व्यापार मंडल ने बंद करवा दिया। इससे जिले में करोड़ों का व्यापार प्रभावित हुआ। सोलन बाजार के साथ जिले के अर्की, धर्मपुर, परवाणू और नालागढ़ बाजार भी बंद रहे हैं। जीएसटी के लिए विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर हिमाचल समेत देशभर में 1 जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो जाएगा। प्रदेश में लाखों की संख्या में ऐसे व्यापारी हैं, जो प्रदेश की कर व्यवस्था से जुड़े हैं और प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग को कर चुकाते हैं।
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इन व्यापारियों के जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के साथ ही एक जुलाई से सारा व्यापार जीएसटी के नियमों के आधार पर होगा। जीएसटी लागू होने के साथ ही प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग ने व्यापारियों की सहायता के लिए एक टोल नंबर जारी किया है। विभागीय मंत्री प्रकाश चौधरी ने बताया कि जीएसटी संबंधी किसी भी जानकारी के लिए 0177-2621264 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट पर भी जीएसटी संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं। बद्दी में छोटे व्यापारियों ने दुकानें खुली रखीं। कांगड़ा जिले में बंद का मिला-जुला असर रहा। धर्मशाला में कोतवाली बाजार बंद रहा, जबकि कचहरी अड्डे में दुकानें खुली रहीं।
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पालमपुर उपमंडल में बाजार खुले रहे। खैरा, पाहड़ा, गंदड़, नूरपुर और देहरा उपमंडलों में बाजार खुले रहे। ज्वाली में बाजार खुले रहे और जयसिंहपुर में दुकानें बंद रहीं। नगरोटा बगवां बाजार तीन घंटे बंद रहा। बैजनाथ में आधी दुकानें खुलीं और आधी बंद रहीं। पपरोला में दोपहर बाद बाजार खुल गया।
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चंबा में हड़ताल का असर नहीं दिखा। भरमौर और तीसा में भी बंद का असर नहीं दिखा। चुवाड़ी बाजार में कई दुकानें बंद रहीं।
जिला ऊना में नब्बे फीसदी दुकानें बंद रहीं। कुछ होटल भी बंद रहे। इक्का-दुक्का दुकानें ही खुली रहीं। प्रदेश व्यापार मंडल ने जीएसटी के व्यापारी विरोधी प्रावधानों को लेकर शुक्रवार को कोषाध्यक्ष इकबाल सिंह के नेतृत्व में डीसी ऊना विकास लाबरू के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भी भेजा। कुल्लू और मंडी में भी 90 फीसदी दुकानें बंद रहीं। मनाली में बाजार पूरी तरह बंद रहा। इससे सैलानियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।