जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में तिलकराज की शहादत की खबर सुनते ही जवाली की नाणा पंचायत गम में डूब गई। वीरवार रात से शहीद के घर पर सांत्वना देने के लिए लोग जुटने शुरू हो गए।
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शुक्रवार को नाणा पंचायत के हर शख्स की आंख में आंसू थे। शहीद के रिश्तेदारों सहित आसपास के गांवों के लोग भी शोक जताने पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह से नाणा पंचायत में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।
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गांव का हर व्यक्ति शहीद तिलकराज के घर दुख बांटने पहुंचकर आतंकियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रहा था। लोग पूरा दिन भूखे प्यासे गम में डूबे रहे।
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जंद्रोह गांव के अवसर सिंह, दीनानाथ, उत्तम चंद, बुशहरी लाल, गजोराम, अशोक कुमार, जमीत सिंह, एमएस समयाल, पवन कुमार और ओंकार सिंह ने बताया कि तिलकराज की शहादत ने गांव को बड़ा दर्द दिया है।
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नौजवान तिलकराज का जाना असहनीय दुख है। उनके हलक से निवाला नहीं उतर रहा है। गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है। ग्रामीणों ने कहा कि शहीद तिलक हंसमुख और मिलनसार थे।
वे जब भी घर पर छुट्टी पर आते थे तो हर बुजुर्ग व बच्चों का कुशलक्षेम पूछते थे। नाणा पंचायत की प्रधान कमलेश कुमारी ने कहा कि शहीद तिलकराज की कमी हमेशा खलेगी।